भूलकर भी डाउनलोड ना करें ऐसे ऐप्स, वरना लग जाएगा लाखों का चूना

नई दिल्ली l पिछले लंबे वक्त से जिस तेजी के साथ ऑनलाइन गतिविधियां बढ़ी हैं. उसी तेजी से ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है. साइबर क्रिमिनल नए-नए तरीकों से लोगों के साथ धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं. कुछ लोग ऐसे फ्रॉड समझ जाते हैं और इससे बच भी जाते होंगे. लेकिन कुछ लोग खासकर वरिष्ठ नागरिक इनके झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई से हाथ धो बैठते हैं. इसलिए सभी बैंकों की तरफ से अपने ग्राहकों को ऐसे मामलों के प्रति सचेत और सावधान रहने की हिदायत दी जाती है. साथ ही किन-किन तरीकों का इस्तेमाल आपको अपने झांसे में लेने के लिए किया जा सकता है, इसकी जानकारी भी आपको दी जाती है. पिछले दिनों ही की बात करें तो कोरोना के बूस्टर डोज को लेकर 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के पास रजिस्ट्रेशन को लेकर फोन कॉल आने का मामला सामने आया.

गृह मंत्रालय के पोर्टल साइबर दोस्त की ओर से लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए सावधानी बरतने को कहा गया है. साइबर दोस्त ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा है कि, रिमोट एक्सेस फ्रॉड से सावधान रहें.

1. क्विक सपोर्ट और टीम व्यूअर जैसे ऐप डाउनलोड ना करें: प्ले स्टोर से एनीडेस्क, क्विक सपोर्ट और टीम व्यूअर जैसे ऐप डाउनलोड ना करें. दरअसल साइबर क्रिमिनल केवाईसी और दूसरी तरह की बातें कर आपको ऐसे ऐप डाउनलोड करने को कहते हैं. और फिर आपकी निजी जानकारी हासिल कर लेते हैं. रिमोट एक्सेस ऐप से आपकी निजी जानकारी आसानी से चुराई जा सकती है. वहीं कुछ रिमोट एक्सेस ऐप साइबर फ्रॉड जालसाजी के लिए ही बनाते हैं. जैसे ही आप यह ऐप डाउनलोड करेंगे आपकी फोटो, ओटीपी नंबर, पासवर्ड समेत कई चीजें साइबर धोखाधड़ी कर रहे लोगों के पास पहुंच जाएगी. देखा गया है कि, हैकर्स रिमोट एक्सेस लेकर खाते से पैसे चुरा लेते हैं.

2. अपनी निजी जानकारी को बचाएं : एनीडेस्क और क्विक सपोर्ट जैसे ऐप अगर आपके फोन में है, तो उसे तुरंत हटा दें. क्योंकि इन ऐप के होने से साइबर क्रिमिनल के पास आपका पिन नंबर, ओटीपी नंबर और बैंक अकाउंट डिटेल्स पहुंच जाएगी. और ऐसे ही आप धोखाधड़ी का शिकार हो जाएंगे.

इस बात का रखें ध्यान
बैंक या फिर टेलीकॉम कंपनियां आपको कभी भी कॉल कर के केवाइसी अपडेट करने के लिए किसी ऐप को डाउनलोड करने को नहीं कहती है. इसलिए अगर आपको ऐसे फोन कॉल आते हैं, तो तुरंत इसकी शिकायत करें. वहीं अगर कभी आप किसी धोखाधड़ी के शिकार हो जाएं, तो उस स्थिति में पुलिस को तुरंत सूचना देते हुए अपने बैंक से भी मदद लें. ऐसी परिस्थितियों में जितनी जल्दी आप शिकायत करेंगे, गंवाए हुए पैसे वापस मिलने की उम्मीद उतनी ज्यादा रहेगी.

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