नोटबंदी के बाद भी नकली नोटों की छपाई और उनके प्रसार का कारोबार थमा नहीं, हैदाराबाद के साउथ जोन टास्क फोर्स की टीम ने चंद्रयान गुट्टा के पुलिस के साथ मिलकर पुराने शहर में नकली नोट छापने के आरोप में सोमवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया है, इसमें एक महिला भी शामिल है. पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी नकली भारतीय नोटों की छपाई और प्रचलन में कथित रूप से शामिल थे और नकली नोटों को तेलंगाना और अन्य राज्यों में भेजते थे, इनके पास से 27 लाख रुपये मूल्य के नकली नोट बरामद किए गए हैं, साथ में लैपटॉप, प्रिंटर, लेमिनेटर, ग्रीन पेपर वगैरह जब्त किया गया।
सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने आरोपियों को चंद्रायनगुट्टा से पकड़ा और उनके पास से नकली नोट और अन्य सामग्री जब्त कर लिया. पुलिस ने कहा कि इस मामले में मुख्य संदिग्ध, महिला आरोपी का भाई है, आरोपी महिला के भाई ने अपनी बहन के साथ मिलकर नोट तैयार करने के लिए सामग्री खरीदकर 500 रुपये के नकली नोट छपवाए थे.
जनवरी में हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि आरोपी के भाई रमेश बाबू को गुजरात में नकली नोटों की सप्लाई करने के लिए राज्य पुलिस ने जनवरी में गिरफ्तार किया था. पुलिस ने कहा, बाद में मुख्य आरोपी रमेश बाबू की बहन रामेश्वरी ने एक अन्य आरोपी और एक ऑटो रिक्शा चालक हसन बिन हामूद से संपर्क किया, उसने नकली भारतीय नोटों और छपाई करने के सामान के साथ में उन्हें चंद्रायनगुट्टा में स्थानांतरित करवा दिया.
जेल से छूटने के बाद फिर से शुरू की छपाई
जेल से छूटने के बाद रमेश बाबू ने अपनी बहन रामेश्वरी और हसन बिन हामूद के साथ मिलकर फिर से नकली नोट छापने का धंधा शुरू किया. इस बार रमेश बाबू ने गुजरात जाकर नकली नोट छापने और प्रसार करने का काम शुरू किया, इसी साल जनवरी में गुजरात पुलिस ने रमेश बाबू को गिरफ्तार कर लिया था.
फिर बहन रामेश्वरी ने हसन बिन हामूद से नकली नोट छापने की सामग्री मंगाकर चंद्रयानगुट्टा इलाके में नकली नोट छापने का काम शुरू की और तेलंगाना और दूसरे राज्यों में इसका प्रसार करने लगी, पुलिस ने दोनों आरोपी को गिरफ्तार किया और 27 लाख रुपये नकली नोट जब्त किया.
