Friday, March 6, 2026
नेशनल फ्रंटियर, आवाज राष्ट्रहित की
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
No Result
View All Result
नेशनल फ्रंटियर
Home सुनहरा संसार

समाज के हालात पर सोचने को मजबूर करती है फिल्म सिया

Jitendra Kumar by Jitendra Kumar
15/09/22
in सुनहरा संसार
समाज के हालात पर सोचने को मजबूर करती है फिल्म सिया
Share on FacebookShare on WhatsappShare on Twitter

फिल्म: सिया
निर्देशक: मनीष मुंद्रा
प्रमुख कास्ट: पूजा पांडे और विनीत कुमार सिंह

कहानी: सिया (पूजा पांडे) एक गरीब परिवार की लड़की है, जो परिवार की काफी जिम्मेदारियां उठाती है। जंगल से लकड़ी लाने से लेकर छोटे भाई को पढ़ाने और कहानी सुनाने तक, सिया एक आदर्श बेटी है। सिया के पीछे गांव के विधायक से लेकर कुछ और लोग भी लगे हैं, जो उसका फायदा उठाना चाहते हैं। ऐसे में गांव के ही कुछ लोग सिया को अगवा करते हैं और कई दिनों तक उसके साथ रेप करते हैं, उसे भूखा- प्यासा रखते हैं और बेहद मारपीट भी करते हैं। सिया के फैमिली फ्रेंड महेंद्र (विनीत कुमार सिंह) हैं, जो वकील है। सिया उसके साथ हुई इस विभत्स घटना के लिए इंसाफ चाहती है और महेंद्र उसका साथ देता है। अब सिया को इंसाफ मिलता है या नहीं? आरोपियों को सजा होती है या नहीं? ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

विनीत कुमार सिंह के साथ ही बॉडी लैंग्वेज को उन्होंने किरदार के हिसाब से बखूबी पकड़ा है। बात विनीत के अलावा पूजा पांडे की करें तो उन्होंने दिल जीतने वाला काम किया है। पूजा ने जिस सादगी से इस कैरेक्टस को निभाया है, वो वाकई काबिल- ए- तारीफ है। दुख- गुस्सा और छोटी छोटी खुशियां, पूजा के सिर्फ चेहरे ही नहीं बल्कि बॉडी एक्शन से ही दिखती हैं। पूजा और विनीत के अलावा बाकी किरदारों का भी काम ठीक रहा है। बात सिया के निर्देशक मनीष मुंद्रा की करें तो इससे पहले बतौर उन्होंने कामयाब, आधार, कड़वी हवा, मसान और न्यूटन जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस किया है।

फिल्म में वैसे तो काफी कुछ खास है लेकिन एक बात जो काफी इम्प्रेस करती है वो है फिल्म का कैमरा वर्क और सिनेमैटोग्राफी। फिल्म में ऐसे कई बेहतरीन कैमरा शॉट्स हैं, जो अपने आप में काफी कुछ बयां करते हैं। इसके साथ ही फिल्म में कलर्स का भी अच्छा इस्तेमाल किया गया है, जो सीन की गहराई को दिखाने का काम करता है। एक ओर जहां फिल्म का तकनीकी पक्ष मजबूत दिखता है तो दूसरी ओर कहानी में थोड़ी सी गुंजाइश रह जाती है और फिल्म देखते हुए कई सवाल आपके जेहन में आते हैं, जिनपर कहानी टिकती नहीं है।

 

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About

नेशनल फ्रंटियर

नेशनल फ्रंटियर, राष्ट्रहित की आवाज उठाने वाली प्रमुख वेबसाइट है।

Follow us

  • About us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Sitemap

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .

  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .