Wednesday, March 18, 2026
नेशनल फ्रंटियर, आवाज राष्ट्रहित की
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
No Result
View All Result
नेशनल फ्रंटियर
Home उत्तराखंड

उत्तराखंड : बदमाशों का फिंगर प्रिंट-रेटिना का बनेगा डेटाबेस, यह होगा फायदा

Jitendra Kumar by Jitendra Kumar
30/01/23
in उत्तराखंड, समाचार
उत्तराखंड : बदमाशों का फिंगर प्रिंट-रेटिना का बनेगा डेटाबेस, यह होगा फायदा
Share on FacebookShare on WhatsappShare on Twitter

हल्द्वानी। किसी भी अपराध को अंजाम देने वाले आरोपियों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा। उत्तराखंड पुलिस बदमाशों को दबोचने के लिए पुलिस फिंगर प्रिंट, रेटिना और आंखों की पुतली की स्कैनिंग का डाटाबेस तैयार करने की योजना बना रही है। जल्द ही कुमाऊं के सभी थानों में इस योजना को शुरू कर दिया जाएगा।

आपराधिक घटनाओं में जांच के दौरान फॉरेंसिक एक्सपर्ट को अपराधी के हाथों और पैरों की अंगुलियों के निशान प्राप्त हो जाते हैं, लेकिन अपराधियों के पकड़ में नहीं आने से इनका मिलान नहीं हो पाता है। इससे अपराधी बचने में कामयाब हो जाते हैं, लेकिन अब पुलिस हर घटना में शामिल अपराधियों की फोटो, पता, फिंगर प्रिंट, रेटिना, और आंखों की पुतली का डाटा ऑनलाइन अपलोड करेगी।

इससे घटनास्थल पर मिले अंगुलियों को निशान को कंप्यूटर में अपलोड कर बदमाशों के फिंगर प्रिंट से मिलान किया जाएगा। मिलान होने पर असल आरोपी की पहचान की जा सकेगी। आईजी के मुताबिक पुलिस ने आरोपियों और अपराधियों का डाटा तैयार करना शुरू कर दिया है। जल्द ही कुमाऊं के जिलों में यह प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

बॉयफ्रेंड संग घूम रही थी लड़की, खुद को पुलिसकर्मी बता जंगल में उठा ले गए 2 दरिंदे; रेप कर बनाया वीडियो
मिलेगी फिंगर प्रिंट किट: आईजी डॉ. भरणे के मुताबिक आरोपियों के फिंगर प्रिंट लेने के लिए हर थाने में एक किट दी जाएगी। थाने लाए जाने वाले हर आरोपी के हाथों के निशान लेकर नाम पते के साथ डाटा बनाया जाएगा। यह प्रक्रिया कैदियों व बंदियों के साथ भी अपनाई जाएगी।

यह फायदा: अपराधियों के फिंगर प्रिंट के अलावा आंखों की पुतली और रेटिना का डाटा भी तैयार किया जाना है। इससे यह लाभ होगा कि पकड़े गए आरोपी की रेटिना और आंखों की पुतली की स्क्रैनिंग कर डाटा से मिलान होगा। इससे आरोपी का पूरी पहचान के साथ आपराधिक रिकार्ड का पता चल सकेगा।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About

नेशनल फ्रंटियर

नेशनल फ्रंटियर, राष्ट्रहित की आवाज उठाने वाली प्रमुख वेबसाइट है।

Follow us

  • About us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Sitemap

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .

  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .