Saturday, March 7, 2026
नेशनल फ्रंटियर, आवाज राष्ट्रहित की
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
No Result
View All Result
नेशनल फ्रंटियर
Home अंतरराष्ट्रीय

किस देश से भारत ने लिया है सबसे ज्यादा कर्ज?, जानिए

Jitendra Kumar by Jitendra Kumar
02/04/25
in अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, व्यापार, समाचार
किस देश से भारत ने लिया है सबसे ज्यादा कर्ज?, जानिए
Share on FacebookShare on WhatsappShare on Twitter

नई दिल्ली: भारत का विदेशी लोन दिसंबर 2024 के अंत तक 10.7 प्रतिशत बढ़कर 717.9 अरब डॉलर हो गया. दिसंबर 2023 में यह 648.7 अरब डॉलर था. वित्त मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत के कर्ज रिपोर्ट में बढ़ोतरी हुई है.  भारत की तिमाही विदेशी लोन रिपोर्ट के अनुसार, तिमाही आधार पर, दिसंबर 2024 में विदेशी कर्ज में 0.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई. सितंबर 2024 के अंत में यह 712.7 अरब डॉलर था.

अमेरिका से भारत ने लिया सबसे ज्यादा कर्ज

रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2024 के अंत तक विदेशी लोन और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अनुपात 19.1 प्रतिशत रहा, जबकि सितंबर 2024 में यह 19 प्रतिशत था. इसमें कहा गया है कि दिसंबर 2024 के अंत में भारत के बाहरी यानी विदेशी लोन में अमेरिकी डॉलर मूल्य में लोन की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 54.8 प्रतिशत रही. इसके बाद भारतीय रुपए (30.6 प्रतिशत), जापानी येन (6.1 प्रतिशत), एसडीआर (4.7 प्रतिशत) और यूरो (तीन प्रतिशत) का स्थान रहा.

क्या कहती है रिपोर्ट?

रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर, 2024 के अंत में केंद्र सरकार के बकाया बाहरी कर्ज में कमी आई, जबकि गैर-सरकारी क्षेत्र के बकाया लोन में सितंबर, 2024 की तुलना में वृद्धि हुई. कुल बाहरी लोन में गैर-वित्तीय निगमों के बकाया लोन की हिस्सेदारी 36.5 प्रतिशत थी. इसके बाद केंद्रीय बैंक को छोड़कर (27.8 प्रतिशत), केंद्र सरकार (22.1 प्रतिशत) और अन्य वित्तीय निगम (8.7 प्रतिशत) का स्थान रहा.

इसमें कहा गया है कि बाहरी कर्ज में लोन की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 33.6 प्रतिशत थी. इसके बाद मुद्रा और जमा (23.1 प्रतिशत), व्यापार लोन और अग्रिम (18.8 प्रतिशत) और लोन प्रतिभूतियों (16.8 प्रतिशत) की हिस्सेदारी रही. रिपोर्ट के अनुसार, मूलधन और ब्याज भुगतान दिसंबर, 2024 के अंत में चालू प्राप्तियों का 6.6 प्रतिशत था, जबकि सितंबर, 2024 के अंत में यह 6.7 प्रतिशत था.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About

नेशनल फ्रंटियर

नेशनल फ्रंटियर, राष्ट्रहित की आवाज उठाने वाली प्रमुख वेबसाइट है।

Follow us

  • About us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Sitemap

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .

  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .