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सरकार व यूपीईएस ने आयोजित किया ‘शिक्षा संवाद’

Frontier Desk by Frontier Desk
09/10/25
in देहरादून
सरकार व यूपीईएस ने आयोजित किया ‘शिक्षा संवाद’
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  • उत्तराखंड को ज्ञान का केंद्र बनाने की पहलः सीएम
  • विकसित भारत के लिए उच्च शिक्षा की नई कल्पना
  • एनईपी 2020, इंडस्ट्री सहयोग, शोध और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर ध्यान देने की जरूरतः डॉ. राम

देहरादून। यूपीईएस ने उत्तराखंड सरकार के साथ मिलकर ‘शिक्षा संवाद’ का आयोजन किया। ‘विकसित भारत और समृद्ध उत्तराखंड के लिए उच्च शिक्षा की नई कल्पना’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय उच्च शिक्षा सम्मेलन का आयोजन 8 व 9 अक्टूबर को राजपुर रोड स्थित एक होटल में हुआ।

सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया, इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा व शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार, विदेशी मिशनों और उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधी मौजूद रहे। इस अवसर पर यूपीईएस के कुलपति डॉ. राम शर्मा ने कहा, हमें उद्योग के साथ गहरे जुड़ाव की ज़रूरत है, वास्तविक समस्याओं को परिभाषित करने, संयुक्त शोध करने, प्रयोगशालाएं स्थापित करने और छात्रों को मार्गदर्शन देने के लिए विश्वविद्यालयों को ऐसे स्नातक तैयार करने चाहिए जो आज इंडस्ट्री के लिए तैयार हों और भविष्य के बदलावों के अनुसार खुद को ढाल सकें।

दो दिनों तक प्रतिभागियों ने शासन सुधार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन, रोजगार क्षमता, इंडस्ट्री रेडीनेस, नवाचार और शोध जैसे विषयों पर चर्चा की। सत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी, भौगोलिक चुनौतियां, फैकल्टी विकास और अंतःविषय सहयोग की ज़रूरत पर विचार किया गया।

साथ ही डिजिटल क्षमता को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और भारतीय पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक पाठ्यक्रम में शामिल करने के अवसरों की पहचान की गई। तकनीकी प्रदर्शनी, कुलपतियों की गोलमेज बैठकें और एआईसीटीई, यूजीसी, सीबीएसई, एससीईआरटी, नवाचार परिषदों तथा ब्रिटिश काउंसिल, यूनिसेफ और यूएस-इंडिया एजुकेशनल फाउंडेशन जैसी संस्थाओं के नेताओं के पैनल ने चर्चाओं को और समृद्ध बनाया। कार्यक्रम में नेताओं, शिक्षाविदों, उद्योग प्रतिनिधियों, अंतरराष्ट्रीय दूतों, गैर-सरकारी संगठनों और शिक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया और उच्च शिक्षा के भविष्य पर चर्चा की।

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