हरिद्वार :17 हजार मकानों का जानिए क्यों हाउस टैक्स सर्वे?

हरिद्वार : नगर निगम का टैक्स अनुभाग सेल्फ असेसमेंट के तहत भवनों पर लगाए गए टैक्स की जांच करेगा। टैक्स की सही जानकारी न देने वाले भवन स्वामियों पर कार्रवाई की तैयारी है। नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने बताया कि अनुभाग को जांच के आदेश दिए गए हैं। करीब सत्रह हजार भवन जांच के दायरे में हैं।

हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र के करीब तीस हजार आवासीय और करीब सात हजार कॉमार्शियल भवनों पर स्व गृहकर (सेल्फ असेसमेंट) के तहत टैक्स का निर्धारण किया गया है। भवन स्वामी खुद अपने भवन का क्षेत्रफल (कार्पेट एरिया)बताता है। इसे एक फॉर्म में टैक्स अनुभाग को दिया जाता है।

इसी के आधार पर निगम टैक्स लगाता है। निगम को शिकायत मिली है कि कई भवन स्वामियों ने गलत जानकारी देकर क्षेत्रफल कम बताया है। इससे उनका टैक्स कम बन रहा है। कुछ क्षेत्र में नए निर्माण भी हुए हैं। निगम का टैक्स अनुभाग ऐसे भवनों का निरीक्षण कर उन पर टैक्स का फिर से निर्धारण करने के लिए तैयारी कर चुका है।

रेंडम आधार पर जांच करेगी। करीब पचास फीसदी घरों की जांच की तैयारी है। नगर आयुक्त ने बताया कि इसको लेकर टैक्स अनुभाग के अधिकारियों की बैठक हो चुकी है। कर निरीक्षकों को ऐसे भवनों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि गलत जानकारी देकर कम टैक्स लगवाने वाले भवन स्वामी से बकाया टैक्स की वसूली भी की जाएगी।

पहले भी पकड़े जा चुके हैं गड़बड़ी के मामले

टैक्स अनुभाग ने पिछले साल भी भवनों का निरीक्षण किया था। गलत जानकारी देकर कम टैक्स नगर निगम कार्यालय में जमा कराने के डेढ़ सौ मामले पकड़े गए थे। इनका टैक्स स्लैब बदला गया था। अब नगर निगम अधिकारियों ने बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान चलाने की शुरूआत की है।

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