- उत्तराखंड इंसानियत मंच ने किया आयोजन
- विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया
देहरादून। आपसी सौहार्द्र और भाईचारें के लिए उत्तराखंड इंसानियत मंच की ओर से आयोजित रोज इफ्तार पार्टी में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर राज्य में बढ़ती साम्प्रदायिक घटनाओं पर चिन्ता जताई गई और उम्मीद जताई गई कि राज्य सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
परेड ग्राउंड के पास समाजवादी पार्टी के कार्यालय में आयोजित रोजा इफ्तार की दावत से पहले साम्प्रदायिक सौहार्द्र को लेकर एक गोष्ठी भी आयोजित की गई। इस गोष्ठी में महिला मंच की कमला पंत ने कहा कि हमें लगातार ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करना चाहिए, जिससे समाज में संदेश जाए कि उत्तराखंड वास्तव में वैसा नहीं है, जैसा उसे दिखाया जा रहा है।
प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ. रवि चोपड़ा ने कहा कि मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के लोगों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में उत्तराखंड इंसानियत मंच से जुड़ना चाहिए, ताकि मिलजुल कर साम्प्रदायिक के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सके। राज्य आंदोलनकारी और यूकेडी नेता लताफत हुसैन ने कहा कि उत्तराखंड में कभी ऐसा माहौल पहले कभी रहा रहा।
उन्होंने कहा कि यह समाज के लिए खतरनाक है। एडवोकेट रजिया बेग ने कहा ने कहा कि जो कुछ फिलहाल उत्तराखंड में हो रहा है, वह बेहद खतरनाक है। राज्य सरकार को इस तरफ ध्यान देना होगा। हरिओम पाली ने कहा कि हमें एक-दूसरे के धर्म और परम्पराओं के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी लेनी चाहिए, ताकि यदि कोई दूसरे धर्म के बारे में गलत बयान दे रहा हो तो उसे सुधारा जा सके। समाजवादी पार्टी के डॉ. एसएन सचान ने भी सभी धर्मों का आदर करने पर जोर दिया।
रोजा इफ्तार पार्टी में धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों के साथ ही वकील, पत्रकार, राजनीतिज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से तौकीर हुसैन, शहजाद पहाड़ी, मो. असद, शहरयार खान, मंजूर बेग, एसएमए काजमी, फैजल, एजाज अहमद, शाइना, आशिमा, शमीना मलिक, हिना आजमी, मौहम्मद शाह नजर, रूहिना इशावर, दानिश, पार्षद इलियाज अहमद, काफीम अली, इंद्रेश मैखुरी, सतीश धौलाखंडी आदि मौजूद थे। उत्तराखंड इंसानियत मंच की ओर से प्रो. राघवेन्द्र, विमला कोली, नन्द नन्दन पांडेय, त्रिलोचन भट्ट, वीके डोभाल, निर्मला बिष्ट, जो चोपड़ा आदि इस मौके पर मौजूद थे।
