उत्तराखंड : नजूल भूमि पर अवैध कब्जे अब होंगे वैध, यहां हैं सबसे अधिक अवैध कब्जे

हरिद्वार : हरिद्वार की 277.5153 हेक्टेयर नजूल की भूमि पर हुए अवैध कब्जे वैध होने वाले हैं। आवेदन करने के लिए 31 दिसंबर अंतिम तिथि है। हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में सबसे अधिक 198.9203 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे हैं। रुड़की में 66.5548 हेक्टेयर और नगर पालिका मंगलौर में 12.0402 हेक्टेयर नजूल की जमीन पर लोगों ने मकान बनाए हुए हैं।

गरीबी रेखा से नीचे श्रेणी में आने वाले परिवारों को 50 वर्ग मीटर तक की आवासीय भूमि को मुफ्त फ्रीहोल्ड कर जमीन दी जाएगी। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में अभी तक 65 आवेदन आ चुके हैं, जबकि 2400 से अधिक अवैध मकान इस भूमि पर बने हुए हैं।सार्वजनिक उपयोग की भूमि नहीं होगी फ्रीहोल्ड नजूल भूमि और भवन, जो महायोजना में सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, पार्कों, पटरियों, रोड चौड़ीकरण, जल निकासी, सीवर लाइन समेत अन्य सार्वजनिक उपयोग की सीमा में आ रहे हैं, उनकी भूमि फ्रीहोल्ड नहीं होगी।

भीमगोड़ा और ज्वालापुर में सबसे अधिक हरिद्वार शहर में भीमगोड़ा और ज्वालापुर में सबसे अधिक अवैध कब्जे हैं, जो फ्री होल्ड हो सकते हैं। इसके अलावा कनखल में भी अवैध कब्जे हैं।

एचआरडीए में करना होगा आवेदन

हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में इसके लिए आवेदन करना होगा। आवेदन पत्र में जानकारी भरने के साथ ही स्वमूल्यांकन की देय धनराशि का 25 प्रतिशत शासकीय कोष में जमा कर ट्रेजरी का चालान भी देना होगा।

बाकि 75 फीसदी धनराशि बाद में देनी होगी। फ्री होल्ड की पूरी कार्रवाई 100 रुपये वाली स्टाम्प में होगी। फ्री होल्ड के लिए 9 नवंबर 2011 से पूर्व का कब्जा होना चाहिए। आवेदनकर्ता को 9 नवंबर से पहले का हाउस टैक्स, वाटर चार्जेज, बिजली बिल, टेलीफोन बिल आदि में किसी एक का भुगतान करने का दस्तावेज देना होगा।

धनराशि जल्दी जमा करने पर मिलेगी छूट

डिमांड नोट जारी होने के बाद 50 दिन के अंदर संपूर्ण धनराशि जमा करने वाले आवेदनकर्ता को 15 फीसदी की छूट दी जाएगी। यह छूट उनको मिलेगी जिनकी भूमि 200 वर्गमीटर से कम हो। 90 दिन के अंदर रुपये जमा करने वालों को 10 फीसदी की छूट दी जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *