भारतीय बेटी नबीला ने अमेरिकी में रचा इतिहास

नई दिल्ली। अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल की युवा नेता नबीला सैयद ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अमेरिका के 3 नवंबर 2026 को हुए मिडटर्म चुनाव में 27 वर्षीय डेमोक्रेटिक नेता नबीला सैयद ने इलिनॉय स्टेट सीनेट के 26वें डिस्ट्रिक्ट से जीत दर्ज की है। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी की मौजूदा सीनेटर डार्बी हिल्स को पराजित कर यह सीट डेमोक्रेटिक पार्टी के खाते में डाल दी।

चुनावी नतीजों के अनुसार नबीला सैयद को करीब 57 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी डार्बी हिल्स को 43 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। इस जीत के साथ नबीला अब इलिनॉय स्टेट सीनेट में 26वें डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करेंगी।

नबीला सैयद की इस जीत की चर्चा भारत में भी हो रही है। उनके माता-पिता 1980 के दशक में हैदराबाद से अमेरिका जाकर बस गए थे। नबीला का जन्म और पालन-पोषण अमेरिका के इलिनॉय राज्य में हुआ। उन्होंने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले से उच्च शिक्षा हासिल की। भारतीय मूल के परिवार से आने वाली नबीला ने अमेरिकी राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है।

नबीला का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 2022 में महज 23 साल की उम्र में उन्होंने इलिनॉय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का चुनाव जीतकर इतिहास रचा था। इसके बाद 2024 में भी उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी। अब 27 साल की उम्र में स्टेट सीनेट का चुनाव जीतकर उन्होंने अपने राजनीतिक सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ ली है।

चुनाव प्रचार के दौरान नबीला सैयद ने आम लोगों से जुड़े कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इनमें बढ़ती महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा खर्च कम करने जैसे विषय शामिल रहे। इसके अलावा तेजी से बढ़ते डेटा सेंटरों के कारण बिजली की खपत, बिजली बिल और स्थानीय समुदायों पर पड़ने वाले प्रभाव को भी उन्होंने अपने चुनाव अभियान का अहम मुद्दा बनाया।

नबीला की जीत को अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के युवाओं की बढ़ती भागीदारी और नई पीढ़ी के नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है। हैदराबाद से अमेरिका पहुंचे एक परिवार की बेटी का महज 27 वर्ष की उम्र में राज्य की सीनेट तक पहुंचना भारतीय मूल के समुदाय के लिए भी एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

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