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क्या न्यूक्लियर जखीरा बढ़ाकर दुनिया जंग की ओर बढ़ रही?

Jitendra Kumar by Jitendra Kumar
18/06/24
in अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय
क्या न्यूक्लियर जखीरा बढ़ाकर दुनिया जंग की ओर बढ़ रही?
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नई दिल्ली: दुनिया में 9 देशों के पास परमाणु हथियार हैं. ये हैं- अमेरिका, रूस, इंग्लैंड, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजरायल. इन सबने मिलाकर 12,121 परमाणु हथियार बनाए हैं. जिनमें से 9585 मिलिट्री के हथियार हैं. इनमें से 3904 हथियारों को मिसाइलों और विमानों में तैनात रखा गया है.

यानी पिछले साल से 60 हथियार ज्यादा तैनात हैं मिसाइलों और फाइटर जेट्स या बमवर्षकों में. करीब 2100 हथियारों को बैलिस्टिक मिसाइलों में तैनात रखा गया है. ये मिसाइलें हाई अलर्ट पर हैं. वजह है रूस-यूक्रेन, चीन-ताइवान, नाटो बनाम रूस में चल रहा मिलिट्री विवाद या युद्ध. ये बढ़ेंगे तो हथियारों के इस्तेमाल का खतरा भी बढ़ेगा.

अगर भारत की बात करें तो पिछले साल यहां 164 परमाणु हथियार थे. जो अब बढ़कर 172 हो गया है. यह खुलासा किया है स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने. अब भारत के पास पाकिस्तान से दो परमाणु हथियार  ज्यादा है. सिपरी ने इस बात का अंदाजा पहले भी लगाया था कि भारत अपने परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ा रहा है. हालांकि भारत के सभी हथियार स्टोर्ड हैं. उन्हें कहीं तैनात नहीं किया गया है.

क्या पाकिस्तान नुकसान पहुंचा पाएगा भारत को? 

पाकिस्तान के पास कम दूरी की मिसाइलें – नस्त्र, हत्फ, गजनवी और अब्दाली हैं. इनकी मारक क्षमता 60 से 320 किमी है, जबकि मध्यम दूरी की मिसाइलें- गौरी और शाहीन की मारक क्षमता 900 से 2700 किमी है. अगर इन दोनों मिसाइलें से हमला होता है तो दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, मुंबई, पुणे, भोपाल, नागपुर, लखनऊ इसकी जद में हैं. अब तबाही कितनी होगी यह निर्भर करता है मिसाइल में लगे हथियार पर. पारंपरिक हथियार लगाने पर बर्बादी कम होगी, लेकिन परमाणु हथियार लगाया तो नुकसान बहुत ज्यादा हो सकता है.

भारतीय मिसाइलों की रेंज में पूरा पाकिस्तान

भारत के पास कम दूरी की मिसाइल पृथ्वी है. इसकी मारक क्षमता 350 km है. अग्नि-I की रेंज 700 किमी, अग्नि-II 2000 किमी और अग्नि-III की रेंज 3000 km है. ये सभी सेना में शामिल की जा चुकी हैं. अग्नि-V की रेंज 5000-7500 km है. यानी इन मिसाइलों की मदद से भारत पाक के सभी शहरों को निशाना बना सकता है. अगर भारत पाक पर परमाणु बम गिराता है तो इससे रावलपिंडी, लाहौर, इस्लामाबाद, नवशेरा और कराची शहर पूरी तरह बर्बाद हो सकते हैं.

किन देशों के पास कितने परमाणु हथियार?

रूस के पास 4380, अमेरिका के पास 3708, चीन के पास 500, फ्रांस के पास 290, इंग्लैंड के पास 225, भारत के पास 172, पाकिस्तान के पास 170, इजरायल के पास 90 और उत्तर कोरिया के पास 50. इस हिसाब से देखें तो भारत दुनिया का छठवां परमाणु हथियार संपन्न देश हैं.

किन देशों के कितने हथियार तैनात हैं हमले के लिए?

रूस ने अपने 4380 परमाणु हथियारों में से 1710 हथियारों को मिसाइलों, फाइटर जेट्स और बमवर्षकों में तैनात रखा है. जबकि अमेरिका ने अपने 3708 हथियारों में से 1770 वॉरहेड्स को तैनात कर रखा है. हैरतअंगेज बात ये है कि फ्रांस ने 290 हथियारों में से 280 को तैनात रखा है. वह भी अलर्ट मोड पर. वहीं इंग्लैंड ने 120 और चीन ने 24 हथियार तैनात कर रखे हैं.

क्यों बढ़ गए परमाणु हथियार?

परमाणु हथियारों को कम करने की जो अंतरराष्ट्रीय ट्रीटी या नीति है, वह इस समय कमजोर पड़ गई है. इसकी वजह है रूस-यूक्रेन और इजरायल-गाजा युद्ध. यूक्रेन और इजरायल के साथ अमेरिका और नाटो देश हैं. वहीं, रूस और गाजा के साथ चीन और अन्य इस्लामिक देश हैं. जिसकी वजह से पिछले दो साल से दुनिया में तनाव की स्थिति बनी हुई है. हर समय तीसरे विश्व युद्ध की चर्चा होती रहती है.

क्या असर होगा परमाणु हथियारों के बढ़ने से?

रूस-यूक्रेन, इजरायल और गाजा युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में हथियारों की बढ़ोतरी हो रही है. इससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है. इन दो प्रमुख युद्धों के अलावा पिछले साल 50 जगहों पर जंग की स्थिति बनी रही. कॉन्गो और सुडान में हथियारबंद संघर्ष की वजह से लाखों लोग विस्थापित हुए.

म्यांमार में भी हिंसक संघर्ष देखने को मिला. मध्य और दक्षिणी अमेरिकी राज्यों में अपराधियों के गैंग के बीच जंग चलती रही. जिसका असर हैती में भी देखने को मिला. सिपरी के डायरेक्टर डैन स्मिथ कहते हैं कि हम इस समय इतिहास के सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं. ये किसी भी समय बड़े जंग की ओर ले जा सकता है.

भारत और पाकिस्तान की परमाणु नीति

भारत ने 1999 में ‘नो फर्स्ट यूज’ की परमाणु नीति घोषित की थी. यानी भारत कभी भी एटॉमिक हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करेगा. भारत केवल परमाणु हमला होने की स्थिति में अपने परमाणु बमों का सहारा लेगा. वहीं, पाकिस्तान में ऐसा कोई नियम या कायदा नहीं है. यह पाकिस्तान के नेताओं और उच्च सैन्य अधिकारियों पर निर्भर करता है कि उन्हें कब और किस स्थिति में परमाणु हमला करना है.

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