राजनीतिक पंडितों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन को कसौटी पर रखने के लिए इस तरह के कार्यक्रम करती रहती है लेकिन यह आगामी विधानसभा चुनाव जो 2022 में होने हैं उसको देखकर कार्यकर्ताओं को तैयार रखने के लिए एक तरह से गुरु मंत्र कार्यक्रम था. अब देखना होगा इस गुरुमंत्र का 2022 में क्या और कितना फल मिलता है. इसमें दो राय नहीं संगठन को देखें तो भारतीय जनता पार्टी के आगे कोई पार्टी नहीं टिकती है उत्तराखण्ड में. लेकिन जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं राजनीतिक रूप से महत्वकांशी नेताओं के पेट में बल पड़ने लगते हैं, इस तरह के नेता हर दल में हैं. ऐसे में पार्टी कैसे पार पा पाएगी ऐसे नेताओं से, यह तो वक्त के गर्भ में है. क्योँकि, एक टिकट और पाने की चाह वाले चार. ऐसे में बाकी तीन क्या चुप बैठे रहेंगे ? देखने वाली बात होगी. फिलहाल चुनाव का बुखार धीरे-धीरे राजनीतिक दलों को चढ़ने लगा है.नेशनल फ्रंटियर, राष्ट्रहित की आवाज उठाने वाली प्रमुख वेबसाइट है।
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