नई दिल्ली : लंदन वाली स्पीच पर लग रहे आरोपों का संसद में जवाब देने का मौका न मिलने के राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा ने जवाब दिया है। राहुल के आरोपों के जवाब में भाजपा की ओर से रविशंकर प्रसाद ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने देश को फिर से गुमराह करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कहते हैं कि लोकतंत्र की परीक्षा है, लेकिन वह कैसे वायनाड से जीत गए। मामूली अंतर से हिमाचल प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनी तो यह भारत का ही लोकतंत्र था। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम राहुल गांधी की माफी की मांग पर कायम रहेंगे और देश भर में प्रचार करते रहेंगे।
यह लोकतंत्र की परीक्षा, मुझे बोलने नहीं दे रहे; आरोपों पर बरसे राहुल
भाजपा नेता ने कहा कि अभी जर्मन चांसलर आए थे तो उन्होंने भारत की जमकर सराहना की। इटली की पीएम मेलानिया ने तो हैदराबाद हाउस में ही कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी की आज की टिप्पणी में कोई दम नहीं है। उन्होंने एक बार भी नहीं कहा कि मैंने ऐसा बयान नहीं दिया है, जो कहा जा रहा है। लंदन में भारत के लोकतंत्र पर सवाल उठाने की बात से राहुल गांधी ने इनकार नहीं किया है। राहुल गांधी का अहंकार बहुत ज्यादा है, लेकिन वह देश से ज्यादा नहीं हो सकता। विदेश में जाकर देश का अपमान करना उनकी आदत हो गई है।
प्रसाद बोले- चीन से क्यों राहुल गांधी को प्यार, क्या है रिश्ता
रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘राहुल गांधी जी आपको चीन से बहुत प्यार हो गया है। आप क्या-क्या बोलते हैं। आपने कहा कि उनकी विदेश नीति में सद्भावना है। जबकि चीन को लेकर अमेरिका, जापान, यूरोप और भारत समेत सभी चिंतित हैं। वहीं राहुल गांधी उनकी कूटनीति को सद्भावना का बहुत बड़ा केंद्र मानते हैं।’ उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कितना होमवर्क करते हैं, इस बात पर डिबेट हो सकती है। वह भारत की विदेश नीति को कितना समझते हैं, उस पर भी चर्चा की जरूरत है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के मुंह से एक शब्द नहीं निकला कि मैंने जो भारत के लोकतंत्र और विदेशी ताकतों के हस्तक्षेप के बारे में कहा था, उसके बारे में मैं दुखी हूं।
‘जनता वोट नहीं देती तो देश का अपमान करेंगे राहुल गांधी?’
भाजपा नेता ने कहा कि यदि देश की जनता आपको वोट नहीं देती है तो दुख हो सकता है। लेकिन इस पर आप देश का अपमान नहीं कर सकते। संसद में ही जवाब देने की राहुल गांधी की बात पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उन्होंने बयान तो लंदन में दिया था। यदि उनका बयान संसद में होता तब वह पार्लियामेंट में ही जवाब देने की बात कह सकते हैं। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमें उनकी लंदन की टिप्पणी से आपत्ति है और माफी की मांग कर रहे हैं। उनकी संसदीय टिप्पणी पर हम बात नहीं कर रहे हैं।
