नगर निकाय चुनाव में पूरा उत्तर प्रदेश योगीमय हो गया. सूबे के 17 नगर निगम सीटों पर भगवा लहराया. सीएम योगी आदित्यनाथ ने सारथी की भूमिका में यूपी की सभी 17 नगर निगम सीटों पर पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशियों के लिए वोट की अपील की थी. सीएम योगी के कार्यों का परिणाम ही है पिछली बार हारी मेरठ और अलीगढ़ की सीट भी BJP के खाते में आ गईं. वहीं पहली बार बने शाहजहांपुर नगर निगम में भी कमल ने कमाल कर दिया. यहां भी पहला नागरिक बनने का गौरव बीजेपी उम्मीदवार अर्चना वर्मा को मिला.
17 में से 17 पर कमल
BJP ने यूपी की सभी 17 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे. इनमें से कानपुर, बरेली और मुरादाबाद में भाजपा ने निवर्तमान महापौर पर ही दांव लगाया था, शेष सभी सीटों पर नए कार्यकर्ताओं को चुनाव मैदान में उतारा था. 17 में से 17 सीटों पर योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यों पर आमजन ने मुहर लगाई और कमल खिलाया.
प्रमिला, विनोद, हरिकांत और उमेश दोबारा बने महापौर
पार्टी के चार प्रत्याशियों ने दूसरी बार महापौर बनने का गौरव हासिल किया. कानपुर से प्रमिला पांडेय, मुरादाबाद से विनोद अग्रवाल और बरेली से उमेश गौतम अनवरत दूसरी बार महापौर बने, जबकि हरिकांत अहलूवालिया इसके पहले भी मेरठ के महापौर रह चुके हैं. झांसी में भाजपा के बिहारी लाल ने सबसे पहले जीत हासिल की. उन्हें कुल 123503 वोट मिले. वहां लड़ने वाले अन्य प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई.
योगी आदित्यनाथ ने की थी 50 रैलियां
CM योगी आदित्यनाथ ने नगर निकाय चुनाव में कुल 50 रैलियां कीं. योगी आदित्यनाथ ने यहां सीएम योगी ने 9 मंडल के तहत आने वाली 10 नगर निगम क्षेत्रों में रैलियां कीं. पहले चरण में योगी आदित्यनाथ की कुल 28 रैलियां हुईं. इसमें गोरखपुर में 4, लखनऊ में 3 और वाराणसी में दो स्थानों पर रैली-सम्मेलन में योगी शामिल हुए.
बता दें कि पहले चरण के 37 जिलों में 4 मई को मतदान हुआ था. दूसरे चरण में सीएम योगी ने 22 रैलियां कीं. इसमें 9 मंडल की सात नगर निगमों के लिए वोट पड़े. यहां अयोध्या नगर निगम के लिए सीएम योगी दो बार पहुंचे. यहां संत सम्मेलन में भी सीएम की उपस्थिति जीत के लिए काफी कारगर रही.