शराब की तरह इस्तेमाल हो रही दवाएं, अब सरकार ऐसे लगाएगी रोक

अल्कोहल हमारी सेहत के लिए हानिकारक भी है और फायदेमंद भी. स्वास्थ्य को इसका फायदा तब होता है, जब इसका इस्तेमाल दवाओं के तौर पर होता है. लेकिन तब क्या हो जब लोग दवाओं का इस्तेमाल ही शराब के तौर पर करने लगें. देश में कई दवाएं ऐसी हैं जिनका इस्तेमाल लोग अब शराब के विकल्प के तौर पर कर रहे हैं, और अब सरकार इसे लेकर कड़े कदम उठाने जा रही है.

उत्तर प्रदेश सरकार ने दवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले अल्कोहल और उनकी तैयारी को लेकर चिंता जाहिर की है. इसके बाद देश की टॉप ड्रग्स रेग्युलेटिंग एजेंसी अब अरोमेटिक कार्डमम टिंक्चर ( नशीला पदार्थ) और उन अल्कोहल प्रिपरेशन पर प्रतिबंध लगाने का विचार कर रही हैं, जिनमें अल्कोहल की मात्रा अधिक होती है.

सरकार का बजट, आपकी सेहत बिगाड़ रही ये दवाएं

अरोमेटिक कार्डमम टिंक्चर का इस्तेमाल हार्टबर्न, पेट और डाइजेशन से जुड़ी समस्याओं और सर्दी-जुकाम, सिरदर्द और गले के इंफेक्शन इत्यादि से जुड़ी दवाओं में होता है. लेकिन इसकी अवैध सप्लाई भी होती है, जिसका इस्तेमाल नशे के लिए होता है.

ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने चिंता जताई है कि इससे लोगों की सेहत पर बेहद घातक असर पड़ रहा है. वहीं ये सरकार को शराब से मिलने वाले राजस्व में भी बड़ी मात्रा में सेंध लगा रहा है, क्योंकि इस तरह का अल्कोहल ज्यादा महंगा नहीं है और लोग इसे शराब या नशे के विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं.

कंट्रोल होगी अल्कोहल की लिमिट, जनता को होगा फायदा

अब दवाओं के रेग्युलेटर केंद्रीय दवा मानक और नियंत्रक संगठन (सीडीएससीओ) के तहत काम करने वाली ड्रग्स कंल्टेटिव कमेटी इस पर विचार कर रही है. इस कमेटी में कई टेक्निकल एक्सपर्ट होते हैं जो दवाओं में अल्कोहल की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए जल्द फैसला लेंगे.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेग्युलेटरी बॉडी यूपी सरकार से मिली शिकायत के आधार पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के प्रावधानों और नियमों में संशोधन करने का प्लान कर रही है. ताकि अल्कोहल और टिंक्चर के गलत इस्तेमाल को रोका जा सके.

हाल में आगरा और आसपास के इलाकों से कई ऐसी खबरें आई हैं जहां देसी शराब बोलकर अरोमेटिक कार्डमम टिंक्चर और अन्य अल्होकल को अवैध तरीके से बेचा जा रहा था. उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस बारे में सख्त कार्रवाई की है और कई जगह छापेमारी कर टिंक्चर को पकड़ा है. अल्कोहल का कंटेंट नियंत्रित होने के बाद इसकी अवैध बिक्री को रोका जा सकेगा. वहीं जनता को इनके नुकसान से बचाया जा सकेगा.

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