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Home अपराध संसार

उत्तराखंड : 22 साल में 4000 से ज्यादा अज्ञात शव; आज तक नहीं हो पाई शिनाख्त

Jitendra Kumar by Jitendra Kumar
16/11/22
in अपराध संसार, उत्तराखंड
उत्तराखंड : 22 साल में 4000 से ज्यादा अज्ञात शव; आज तक नहीं हो पाई शिनाख्त
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उत्तराखंड को बने 22 साल हो चुके हैं. इन 22 सालों में एक ऐसी पहेली है, जो अभी तक सुलझ नहीं पाई है. पहेली यह है कि उत्तराखंड में 22 सालों में 4,700 से ज्यादा अज्ञात शव मिले हैं, जिनका आज तक पुलिस शिनाख्त नहीं कर पाई है. प्रदेश में मिलने वाले अज्ञात शव कहीं न कहीं उत्तराखंड पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं. क्या है राज इन अज्ञात शवों का? 9 नवंबर 2000 से वर्तमान 14 नवंबर 2022 तक उत्तराखंड में 4,700 से ज्यादा अज्ञात शव मिले हैं. सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह है कि आज तक इन अज्ञात शवों का पुलिस शिनाख्त नहीं कर पाई है.

हालांकि पुलिस ने अज्ञात शवों के मामले को दर्ज जरूर किया है और कानूनी प्रक्रिया के तहत पहले इस बात का इंतजार किया कि इन शवों की शिनाख्त करने के लिए इनके परिजन आएंगे, लेकिन एक समय गुजरने के बाद पुलिस ने इन शवों का दाह संस्कार कर दिया.

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर वी. मुरुगेशन ने दी जानकारी

फिर भी सवाल यह है कि आखिर उत्तराखंड जैसे शांत राज्य में पिछले 22 सालों में क्यों अज्ञात शव अलग-अलग जगहों पर पुलिस को बरामद हुए हैं. उत्तराखंड पुलिस के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर वी. मुरुगेशन का मानना है कि इसके अलग-अलग कारण हो सकते हैं, लेकिन एडीजी का कहना है कि उत्तराखंड पर्यटन प्रदेश है. यहां पर बाहरी लोगों का बहुत आना-जाना है. वहीं अपना अपराध छिपाने के लिए दूसरे राज्यों से यहां अपराधी किस्म के लोग आते हैं. उत्तराखंड में सबसे ज्यादा हरिद्वार जिले में 1,396, देहरादून में 820, नैनीताल में 594 और रुद्रप्रयाग में 623 लावारिश शव मिले हैं.

उत्तराखंड के 13 जिलों में अज्ञात शवों के मिलने के आंकड़े

अल्मोड़ा में 29, बागेश्वर में 27, चमोली में 72, चंपावत में 152, देहरादून में 820, हरिद्वार में 1,396, नैनीताल में 594, पिथौरागढ़ में 19, पौड़ी में 326, रुद्रप्रयाग में 623, टिहरी में 217, उधम सिंह नगर में 379, उत्तरकाशी में 49 अज्ञात शव मिले हैं. दरअसल, जोनल इंटीग्रेटेड पुलिस नेटवर्क उत्तर भारत के सात स्टेट का एक नेटवर्क है, जिसमें सभी राज्यों के अपराध से जुड़ी सारी जानकरियां साझा की जाती हैं. जोनल इंटीग्रेटेड पुलिस नेटवर्क के आंकड़ों को देखें तो उत्तराखंड में 4,700 से ज्यादा अज्ञात शव मिले हैं.

उत्तर प्रदेश में 5 हजार से अधिक अज्ञात शव

पुलिस नेटवर्क ने उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश पुलिस शामिल है. वहीं 9 नवंबर 2000 से वर्तमान में 14 नवंबर 2022 तक हिमाचल राज्य में 40, उत्तर प्रदेश राज्य में 5,864, चंडीगढ़ में 642, हरियाणा में 6,669, पंजाब में 611, राजस्थान में 10,672, दिल्ली में 65,079 अज्ञात शव बरामद हुए हैं. हालांकि उत्तराखंड की जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्र को देखें तो उत्तराखंड हिमाचल, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों से अज्ञात शवों के मिलने में बहुत ज्यादा है.

कई बार शव फेंकते पकड़े गए अपराधी

वैसे देखा जाए तो उत्तराखंड पर्यटन प्रदेश है. ऐसे में इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि इस नाते भी अज्ञात शव यहां मिलते हैं, क्योंकि लोग यहां जरूर घूमने आते हैं, लेकिन कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग पर्यटन प्रदेश का फायदा उठाकर घटनाओं को अंजाम देते हैं. पूर्व में ऐसे कुछ मामले आए हैं, जिसमें उत्तराखंड के आसपास के प्रदेशों से अपराधिक किस्म के लोग हत्या कर लाशों को यहां फेंकने आए हैं और पुलिस की तत्परता और सतर्कता की वजह से ऐसे अपराधी पकड़े भी गए हैं.

वहीं इस मामले में उत्तर प्रदेश के रिटायर्ड आईजी दीपक कुमार का मानना है कि यह सच है कि उत्तराखंड जैसे पर्यटन राज्य और उत्तर प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल से जुड़ी सीमा होने के चलते कई बार वहां के अपराधी अपने साक्ष्य छिपाने के लिए शवों को बॉर्डर के इस पार फेंक कर चले जाते हैं, लेकिन रिटायर्ड आईजी दीपक कुमार का मानना है कि इतनी बड़ी तादाद में शवों का मिलना एक गंभीर बात है. जो अज्ञात शव मिले हैं, यह कहीं न कहीं से गायब हुए हैं. इस पर पुलिस को जांच करनी चाहिए, क्योंकि आदमी के मृत्यु से जुड़े कई ऐसे फाइनेंशियल बेनिफिट्स होते हैं, जो उनके परिजन से वंचित रहते हैं.

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