गहने-जेवरात नहीं, अब ये हैं सेविंग के लिए भारतीय महिलाओं की पहली पसंद

आपके घर में भी दादी-नानी के जमाने से मां के समय तक सोने-चांदी के जेवरात को निवेश का बढ़िया विकल्प माना जाता रहा है, लेकिन बदलते वक्त में महिलाओं की इंवेस्टमेंट चॉइस भी बदल गई है. अब गहने-जेवरात सेविंग के पुराने ऑप्शन हो गए हैं और उनकी जगह आजकल भारतीय महिलाएं कई नए विकल्पों में निवेश कर रही हैं. अब इसमें शेयर मार्केट से लेकर डिजिटल गोल्ड तक शामिल हैं. चलिए जानते हैं कि क्या है इसका ट्रेंड

शिक्षा के बढ़ते स्तर, महिलाओं के बढ़ती आर्थिक समझ और आर्थिक स्वतंत्रता ने उन्हें नए इंवेस्टमेंट ऑप्शन ट्राई करने के लिए प्रेरित किया है. इतना ही नहीं ज्यादातर कामकाजी महिलाएं अब निवेश के साथ-साथ वेल्थ ग्रोथ पर भी फोकस करती हैं और इसके लिए वह जोखिम भी उठाने से नहीं डरती हैं.

SIP है सबसे फेवरेट ऑप्शन

आजकल महिलाओं के बीच सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला सेविंग ऑप्शन सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) है. बजाज कैपिटल ने महिलाओं की सेविंग चॉइस जानने के लिए 3500 पार्टसिपेंट के साथ एक सर्वे किया. इसके मुताबिक 42 प्रतिशत महिलाएं एसआईपी में निवेश को तरजीह देती हैं.

इस सर्वे में सेकेंड बेस्ट चॉइस डिजिटल गोल्ड लोन रहा है. करीब 29 प्रतिशत महिलाओं ने इसके फेवर में वोट किया. इसके बाद 17 प्रतिशत महिलाओं ने डायरेक्ट शेयर बाजार में निवेश करने की बात स्वीकार की, जबकि 12 प्रतिशत महिलाएं दूसरों को ब्याज पर पैसा देकर पैसा बनाती हैं.

75% का भरोसा टैक्स सेविंग ऑप्शंस

सर्वे में कुछ और खास जानकारी भी सामने आईं. जैसे कि 42 प्रतिशत महिलाओं का मानना है कि वह अपने निवेश के फैसले स्वतंत्र तौर पर करती हैं. वहीं अधिकतर निवेश डिजिटल माध्यमों से करती हैं. इतना ही नहीं सर्वे शामिल 75 प्रतिशत महिलाओं ने माना कि वह टैक्स-सेविंग इंवेस्टमेंट प्लान में निवेश करना पसंद करती हैं. वहीं 24 प्रतिशत महिलाओं ने कम उम्र में ही रिटायरमेंट के लिए सेविंग प्लान करने की बात स्वीकार की.

एक और रोचक बात ये भी सामने आई कि लिमिटेड सोर्स होने के बावजूद महिलाएं सेविंग करने पर फोकस करती हैं.

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