रूस ही नहीं, इन देशों में भी है प्राइवेट आर्मी जो भाड़े पर देती है सैनिक

यूक्रेन से जंग के बीच रूस की प्राइवेट आर्मी वैगनर ग्रुप ने बगावत कर दी है. इस बगावत के बाद रूस के रक्षा मंत्रालय ने वैगनर ग्रुप के हेड येवगेनी प्रिगोझिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. येवगेनी ने रूस की सेन के मुख्यालय पर कब्जा करने की बात कही थी. येवगेनी की बगावत के बाद उसे 20 साल की सजा सुनाई जा सकती है. रूस दुनिया का एकमात्र ऐसा देश नहीं है जिसगे पास प्राइवेट आर्मी है.

दुनिया के कई ऐसे हैं जिनके पास प्राइवेट आर्मी हैं, इनके लड़ाकों को भाड़े पर खरीदा जा सकता है और जंग में इस्तेमाल किया जा सकता है. जानिए, वो कौन-कौन से देश हैं.

यूनिटी रिसोर्स ग्रुप, ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया की प्राइवेट आर्मी यूनिटी रिसोर्स ग्रुप के पास दुनियाभर में 1200 जवानों का स्टाफ है. इसकी मैनेजमेंट टीम में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ग्रेट ब्रिटेन की सेना के कई रिटायर्ड आर्मी अफसर शामिल हैं. बगदाद में ऑस्ट्रेलियन एम्बेसी की सुरक्षा की जिम्मेदारी इसी ग्रुप की है. लेबनान में चुनाव को शांतिपूर्वक कराने के लिए इसी आर्मी की तैनाती की गई थी. इसके अलावा बहरीन के क्राइसिस जोन में इसे तैनात करके प्राइवेट ऑयल कंपनी की मदद की गई थी. इसके अलावा यह अफ्रीका, अमेरिका, सेंट्रल एशिया और यूरोप के लिए भी काम करती है.

एरिनी इंटरनेशनल, ब्रिटेन

ब्रिटिश प्राइवेट आर्मी एरिनी इंटरनेशनल का हेडक्वार्टर दुबई में है. इस आर्मी के पास 16 हजार जवान हैं. इनकी सबसे ज्यादा उपस्थिति अफ्रीका में है. दुनिया के 282 जगहों पर इस आर्मी की तैनाती की गई है. लम्बे समय से इस आर्मी का इस्तेमाल रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो में आयरन, ऑयल और गैस प्रोजेक्ट्स को सुरक्षित रखने के लिए किया जा रहा है.

एशिया सिक्योरिटी ग्रुप, अफगानिस्तान

अफगानिस्तान की प्राइवेट आर्मी एशिया सिक्योरिटी ग्रुप का हेडक्वार्टर काबुल में है. 600 जवानों वाली इस आर्मी की कमान पहले अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के रिश्तेदार हश्मत करजई के हाथों में थी. अमेरिका में कई बार अपने मिशन के लिए इस आर्मी का इस्तेमाल किया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने इस आर्मी के साथ लाखों डॉलर के अनुबंध किए हैं. एशिया सिक्योरिटी ग्रुप में भाड़े के सैनिकों की भर्ती अमेरिकी के डायनकॉर्प द्वारा की जाती है.

DynCorp, वर्जिनिया

अमेरिका के वर्जिनिया की यह प्राइवेट आर्मी अफ्रीका, पूर्वी यरोप और लेटिन अमेरिका में एक्टिव है. 10 हजार जवानों वाली यह आर्मी तब चर्चा में आई है इसके जवानों ने कोलंबिया के बागियों के समूह के साथ जंग लड़ी थी. इसके अलावा इस प्राइवेट आर्मी ने पेरू ने कई एंटी ड्रग मिशन चलाए.इस सोमालिया और सूडान में भी कई मिशन के लिए इस्तेमाल किया जा चुका है. इसके अलावा भी यह आर्मी कई देशों में अपने मिशन को अंजाम दे चुकी है.

एजिस डिफेस सर्विसेज, ब्रिटेन

यह ब्रिटेन की प्राइवेट आर्मी है, जो संयुक्त राष्ट्र, अमेरिकी सरकार, इराक और ऑयल कंपनियों की सुरक्षा के लिए काम करती है. 5000 जवानों वाली यह आर्मी पूरे अफगानिस्तान औार बहरीन में फैली हुई है.

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