अल्पसंख्यक आयोग की बैठक, मुख्य शिक्षा अधिकारी को नोटिस

देहरादून। उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की बुधवार को अधोईवाला स्थित अल्पसंख्यक कल्याण भवन में हुई सुनवाई बैठक में कुल 29 प्रकरणों पर सुनवाई की गई। इनमें से 10 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। बैठक की अध्यक्षता आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम ने की। इस दौरान आयोग के सदस्य मौ. तस्लीम, नफीस अहमद, शारिक मलिक, येषी थूप्थेन, गगनदीप सिंह बेदी, सचिव जीएस रावत व शमा परवीन आदि मौजूद रहे।

बैठक के दौरान शमा परवीन की शिकायत पर चर्चा हुई, जिसमें दून कैम्ब्रिज स्कूल, रेसकोर्स, देहरादून के विरुद्ध प्रकरण दर्ज था। आयोग के समक्ष मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून न तो स्वयं उपस्थित हुए और न ही कोई प्रतिनिधि भेजा। इतना ही नहीं, उनकी ओर से प्रकरण पर आख्या भी उपलब्ध नहीं कराई गई। इस पर आयोग ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सीईओ देहरादून को कारण बताओ नोटिस जारी किया और तीन दिन के भीतर जवाब मांगा।

मंजू रानी, निवासी डालनवाला ने शिकायत की कि खरीदी हुई भूमि पर एमडीडीए से मानचित्र स्वीकृत कर भवन निर्माण कराया गया था, लेकिन प्रशासन ने बिना नोटिस के भवन ध्वस्त कर दिया। जबकि कानूनगो ने इसे गोल्डन फॉरेस्ट की सरकारी भूमि बताया। आयोग ने इसे गंभीर विषय मानते हुए जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिया कि एसडीएम सदर की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर शिकायतकर्ता को न्याय दिलाया जाए।

रोमिना निवासी मक्कावाला के प्रकरण में आयोग ने नाराजगी जताई कि पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। आयोग ने पुलिस को आदेश दिया कि तुरंत विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। रोमिना पत्नी सरायत अली व सरायत अली पुत्र जान मौहम्मद के शिकायती प्रकरण में पुलिस की और से कोई भी कार्यवाही नहीं की गयी है, जिसमें आयोग ने नाराजगी व्यक्त करते हुए यथाशीघ्र विधिसम्मत् कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये। वहीं, भगवानपुर, हरिद्वार में दो लड़कियों के अपहरण का मामला भी बैठक में आया। आयोग के निर्देश पर भगवानपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग लड़की को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। आयोग ने इसे सराहनीय बताते हुए भगवानपुर पुलिस को बधाई दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *