रिजर्व बैंक की इन दो योजनाओं को PM मोदी ने किया लॉन्च, जानें फायदे!

नई दिल्ली l प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी शुक्रवार को रिजर्व बैंक की दो ऐसी योजनाओं की शुरुआत की है, जिनका आम आदमी को काफी फायदा होगा. ये योजनाएं सरकारी प्रतिभूतियों में आम आदमी के निवेश को आसान बनाने और बैंकों के बारे में श‍िकायत समाधान प्रक्रिया को आसान बनाने के बारे में हैं.

इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि आज जिन दो योजनाओं को लॉन्च किया गया है, उससे देश में निवेश के दायरे का विस्तार होगा और कैपिटल मार्केट्स को एक्सेस करना, निवेशकों के लिए अधिक आसान, अधिक सुरक्षित बनेगा. अब लोगों को सुरक्ष‍ित निवेश का एक और विकल्प मिल गया है. देश के बहुत बड़े वर्ग को गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में सीधा निवेश करने में आसानी होगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन योजनाओं की शुरुआत की. इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास भी मौजूद थे.

इन दो योजनाओं का नाम हैं- रीटेल डायरेक्ट स्कीम और रिजर्व बैंक इंटीग्रेटेड ऑम्बड्मैन स्कीम (एकीकृत लोकपाल योजना). आइए जानते हैं कि क्या हैं ये योजनाएं और इनका आम आदमी को क्या फायदा मिलेगा?

1. रीटेल डायरेक्ट स्कीम

इस स्कीम के द्वारा छोटे आम निवेशकों की पहुंच सरकारी प्रतिभूतियों तक बढ़ाने की कोश‍िश होगी. इसके तहत केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा जारी प्रतिभूतियों में लोगों के सीधे निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक रोडमैप तैयार किया जाएगा.

इससे आम निवेशक आसानी से रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर ऑनलाइन खाता खोलकर सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश कर पाएंगे.अभी तक इनमें संस्थागत निवेश ही ज्यादा है. इसके लिए रिजर्व बैंक किसी तरह का चार्ज भी नहीं लेगा यानी इस सेवा की कोई फीस नहीं होगी.

2. रिजर्व बैंक एकीकृत लोकपाल योजना

रिजर्व बैंक की एकीकृत लोकपाल योजना के द्वारा देश में लोगों द्वारा बैंकों की श‍िकायतों के बारे में समाधान प्रक्रिया में और सुधार करने की कोश‍िश की जाएगी. इसके पीछे सोच यह है कि आम लोगों की श‍िकायतों का समाधान जल्द और आसान तरीके से हो सके. इस स्कीम की थीम- एक देश, एक लोकपाल बनाई गई है. इसके तहत ग्राहकों अपनी श‍िकायत एक ही पोर्टल, एक ई-मेल और एक पत पर कर सकेंगे.

इस एक विंडो के द्वारा बैंक ग्राहक अपनी श‍िकायतें फाइल कर सकेंगे, दस्तावेज जमा कर पाएंगे और श‍िकायतों की प्रगति की निगरानी करते हुए अपना फीडबैक भी दे पाएंगे.


खबर इनपुट एजेंसी से

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