पटना: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिन के बिहार दौरे पर आ रहे हैं। जिसको लेकर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने तंज कसा है। पूर्णिया में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होने कहा कि बीते 10-12 सालों में हमने देखा है, कि जिस राज्य में चुनाव होता है। पीएम मोदी और अमित शाह वहीं जाते हैं। अब अगले 6 महीनों तक दोनों यहां आते रहेंगे। अचानक से गुजरात के दोनों नेताओं को बिहार की चिंता सताने लगेगी। बिहार से अपना रिश्ता निकालने लगेंगे। लेकिन बिहार की गरीबी कैसे दूर होगी इस पर बात करेंगे
इस दौरान प्रशांत किशोर ने एक मांग भी कर डाली। उन्होने कहा कि अच्छा तो तब होता जब अमित शाह बिहार में ऐलान कर दें, कि गुजरात में वहां के लोगों को जितनी मजदूरी मिल रही है। उतनी ही मजदूरी बिहार के मजदूरों को भी मिलेगी। दोनों राज्य के मजदूर एक ही फैक्ट्री में काम कर रहे हैं, लेकिन गुजरात के लोग को बिहार के मजदूर से ज्यादा पैसा मिलता है। वोट बिहार से लेते हैं और सारा इन्वेस्टमेंट, सारी तरक्की गुजरात में, ऐसा नहीं चलेगा।
पीके ने कहा कि अमित शाह से ये भी पूछना चाहिए कि पिछले 11 सालों में एनडीए सरकार ने बिहार में कितनी फैक्ट्रियां लगाई हैं? गुजरात को बुलेट ट्रेन देने जा रहे है। जापान से कई लाख करोड़ का कर्जा लिया है। लेकिन बिहार में पैसेंजर ट्रेन के लिए भी मारामारी हो रही है। अब बिहार की जनता को समझना होगा कि वोट हमारा और विकास गुजरात का नहीं चलेगा। इस बार वोट बिहार के विकास के लिए करना होगा।