संपर्क से समर्थन: जानिए नरेंद्र मोदी के हैट्रिक प्लान की अहम रणनीति

नई दिल्‍ली: 2024 में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए बीजेपी जांची-परखी रणनीति पर आगे बढ़ रही है। नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने का लक्ष्‍य लेकर पार्टी के नेता, कार्यकर्ता निकल चुके हैं। बीजेपी ने ‘संपर्क से समर्थन’ अभियान चलाया है। यह अभियान केंद्र में मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर शुरू किया गया था। पार्टी इसके जरिए ठीक उसी तरह 2024 की रोड तैयार कर रही है, जैसे उसने 2019 में की थी। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा या हों अमित शाह और राजनाथ सिंह जैसे सीनियर मंत्री, शहर-शहर जा रहे हैं। मशहूर हस्तियों से मिलते हैं और रैलियां भी करते हैं। इसी तरह, बीजेपी ने 2018 में ‘संपर्क फॉर समर्थन’ अभियान लॉन्च किया था। पार्टी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री नामचीन हस्तियों से मिलते थे, बीजेपी के लिए समर्थन मांगते थे। उस शहर में नेताजी की जनसभा भी होती थी। यानी एक पंथ दो काज। बीजेपी 2024 में भी उसी प्‍लान से सफलता पाना चाहती है।

संपर्क से समर्थन: नड्डा आज हैदराबाद में, मंत्री-मुख्यमंत्री भी प्रचार में जुटे

बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा 25 जून को तेलंगाना के नगरकुर्नूल में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले वह ‘संपर्क से समर्थन’ अभियान के तहत हैदराबाद में जाने-माने राजनीतिक विश्लेषक के नागेश्वर और पद्मश्री से सम्मानित आनंद शंकर से मिलेंगे। तेलंगाना में इस साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं जिसके चलते बीजेपी दोहरा जोर लगा रही है। पार्टी राज्य में कई जनसभाएं करने की योजना बना रही है, जिनमें पीएम मोदी सहित पार्टी के शीर्ष नेता शामिल होंगे।

भाजपा के जनसंपर्क अभियान ‘संपर्क से समर्थन’ के तहत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को चंडीगढ़ में थे। पार्टी ने अपने सभी मुख्यमंत्रियों को भी इस अभियान में झोंक रखा है। विभिन्‍न राज्‍यों में जा-जाकर केंद्रीय मंत्रियों, मुख्‍यमंत्रियों, सांसदों, विधायकों की जनसभाएं आयोजित कराई जा रही हैं।

2018 में शाह ने शुरू किया था ‘संपर्क फॉर समर्थन’ अभियान

2018 में बीजेपी ने ‘संपर्क फॉर समर्थन’ अभियान के तहत 50 बड़ी हस्तियों तक पहुंच बनाई थी। कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर संपर्क करने को कहा गया था। अमित शाह तब भाजपा के अध्यक्ष थे। उन्होंने ही इस अभियान की शुरुआत की थी। पार्टी के बूथ लेवल से लेकर हाई लेवल तक का नेता इस अभियान से जुड़ा था। नतीजा 2019 के आम चुनाव में बीजेपी अपने दम पर 300 सीटों का आंकड़ा पार कर गई। भारत के संसदीय इतिहास में यह भाजपा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। बीजेपी उसी रणनीति के सहारे 2024 में जीत की हैट्रिक लगाने का सपना देख रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजेपी टिकट वितरण में सांसदों के ‘संपर्क से समर्थन’ अभियान में भागीदारी को भी तवज्जो देगी। अच्‍छा काम करने वाले सांसदों को 2024 में फिर टिकट मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, 2024 के चुनाव में टिकट में ‘संपर्क से समर्थन’ अभियान की रिपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

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