स्कूटी वाले ने नंबर प्लेट में किया ऐसा झोल, सारे चालान पहुंचने लगे कार वाले के पास

मुंबई में एक शख्स ने नंबर प्लेट के साथ ऐसा झोल किया है कि लोगों को ‘करे कोई, भरे कोई…’ मुहावरा याद आ गया। जी हां, हाल ही ट्विटर पर एक कार मालिक ने अपनी परेशानी दुनिया के सामने रखी। शख्स ने बतया कि उन्हें एक स्कूटी द्वारा ट्रैफिक रूल्स तोड़ने पर कई चालान जारी हुए हैं जबकि स्कूटी उनकी नहीं है। उनके पास तो एक गाड़ी है जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर और स्कूटी का नंबर एक जैसा नजर आ रहा है। शख्स ने दावा किया कि स्कूटी की मॉडिफाइड नंबर प्लेट में EJ जैसा FJ दिख रहा है, जिसके चलते स्कूटी के सारे चालान उनकी कार के नंबर पर जारी हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह तीन बार शिकायत कर चुके हैं। पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

यह मुद्दा सोशल मीडिया पर ट्विटर यूजर @casuchitshah ने उठाया। उन्होंने 6 अक्टूबर को एक स्कूटी सवार की दो तस्वीरें साझा करते हुए बताया- यह शख्स आए दिन ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है। उसने अपनी नंबर प्लेट को इस तरह से मॉडिफाइ किया है कि E लेटर F जैसा नजर आता है। असल में, उसके दू-पहिया का नंबर MH02EJ0759 है। लेकिन इस तस्वीर में नंबर MH02FJ0759 ऐसा दिख रहा है, जिसकी वजह से उसके सारे चालान मेरे चार पहिया वाहन (उसका नंबर FJ0759 है) पर हो रहे हैं। मैं शिकायतें करके थक चुका हूं। इस ट्वीट को खबर लिखे जाने तक 16 हजार से ज्यादा लाइक्स, साढ़े चार से अधिक रीट्वीट और सैकड़ों यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी है।

कई बार कर चुके हैं शिकायत

इतना ही नहीं, शख्स ने अपने अलगे ट्वीट में बताया कि वह कई बार शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कुछ नहीं हुआ। दरअसल, जब मुंबई ट्रैफिक पुलिक की तरफ से ट्वीट कर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई तो शख्स ने लिखा- मैं पहले ही तीन बार, 3 चालानों की शिकायत कर चुका हूं। लेकिन यह है कि खत्म ही नहीं हो रहा। वह हर महीने ट्रैफिक नियम तोड़ता है, और मैं हर महीने एमटीपी ऐप देखता हूं और शिकायत दर्ज करवाता हूं। शख्स ने मुंबई पुलिस और मुंबई ट्रैफिक पुलिस को टैग करते हुए पूछा कि क्या ऐसे गैर-कानूनी कार्य करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। वहीं यूजर्स ने भी शख्स की बात का समर्थन किया। कुछ ने लिखा कि लड़के को सख्त सजा मिलनी चाहिए। वहीं अन्य ने कहा कि शख्स को भी अपनी गाड़ी के नंबर से छेड़छाड़ कर उसे सबक सिखाना चाहिए। वैसे आपका इस पूरे मामले पर क्या मानना है? हमें कमेंट करके बताएं।

 

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