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समुद्र में बने इस मंदिर की सुरक्षा करते हैं सांप, सदियों से चल रहा है सिलसिला

Jitendra Kumar by Jitendra Kumar
25/06/23
in धर्म दर्शन
समुद्र में बने इस मंदिर की सुरक्षा करते हैं सांप, सदियों से चल रहा है सिलसिला
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हमारे ही देश में नहीं बल्कि दुनिया के कई और भी देश में सैकड़ों साल पुराने मंदिर मौजूद हैं. इनमें मंदिरों के पीछे कोई न कोई अलग कहानी और रहस्य छिपा हुआ है. आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जो समुद्र में बना हुआ है और उसकी सुरक्षा में सांप तैनात हैं. इस मंदिर का निर्माण 600 साल पहले कराया गया था. जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सांपों की है. दरअसल, इंडोनेशिया में समुद्र के बीच में एक मंदिर बना है. तनाह लोत मंदिर के नाम से जाना जाता है.

ये मंदिर समुद्र की एक चट्टान के ऊपर किया गया है. ऐसा कहा जाता है कि जिस चट्टान का मंदिर का निर्माण किया गया है वह हजारों साल पहले समुद्री पानी के ज्वार के क्षरण से हुआ है. इसके साथ ही इस मंदिर के निर्माण को लेकर भी कई कहानियां प्रचलित हैं. इंडोनेशिया के बाली द्वीप में बना ये मंदिर अपनी खूबसूरती से लोगों को अपनी ओर खींच लेता है. स्थानीय भाषा में ‘तनाह लोत’ का मतलब समुद्री भूमि या समुद्र में जमीन होता है.

बता दें कि ये मंदिर बाली सागर तट पर बने उन सात मंदिरों में से एक है, जिनका निर्माण एक श्रृंखला के रूप में किया गया था. इन मंदिरों का सबसे बड़ा रहस्य ये है कि हर मंदिर पहले वाले मंदिर से अधिक साफ दिखाई देता है. बता दें कि इस मंदिर का निर्माण जिस शिला पर किया गया है वह साल 1980 के दशक में कमजोर होकर झड़ने लगी थी, जिसके बाद मंदिर और उसके आसपास के इलाके को खतरनाक घोषित करना पड़ा. हालांकि बाद में जापानी सरकार ने इसे सुरक्षित रखने के लिए इंडोनेशिया की मदद की. उसके बाद चट्टान के लगभग एक तिहाई हिस्से को कृत्रिम चट्टान से ढंका गया और फिर उसे नया रूप दिया गया.

ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 15वीं सदी में निरर्थ नाम के एक पुजारी करवाया था. ये पुजारी समुद्र तट के किनारे-किनारे चलते यहां पहुंच गया और उसके बाद उसने वहां मंदिर बनाने का प्रण लिया. क्योंकि पुजारी को इस स्थान की सुंदरता काफी अच्छी लगी थी. ऐसा कहा जाता है कि उस रात पुजारी वहीं रुक गया.  सुबह होने पर पुजारी ने आसपास के मछुआरों से इस स्थान पर समुद्र देवता का मंदिर बनाने का अनुरोध किया. ऐसा कहा जाता है कि बुरी आत्माओं और बुरे लोगों से इस मंदिर की सुरक्षा के लिए मंदिर की शिला के नीचे रहने वाले विषैले सांप करते हैं. ऐसा कहा जाता है कि पुजारी निरर्थ ने अपनी शक्ति से एक विशाल समुद्री सांप को उत्पन्न किया था. जो आज तक इस मंदिर की सुरक्षा में लगा हुआ है.

 

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