Sunday, March 15, 2026
नेशनल फ्रंटियर, आवाज राष्ट्रहित की
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
No Result
View All Result
नेशनल फ्रंटियर
Home मुख्य खबर

चांद पर फिर विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग, ISRO ने दोबारा रचा इतिहास

Jitendra Kumar by Jitendra Kumar
04/09/23
in मुख्य खबर
चांद पर फिर विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग, ISRO ने दोबारा रचा इतिहास
Share on FacebookShare on WhatsappShare on Twitter

नई दिल्ली: विक्रम लैंडर ने एक बार फिर चांद की सतह पर लैंडिंग की है. इसरो के आदेश पर विक्रम लैंडर का इंजन चालू हुआ और उसने खुद सतह से करीब 40 सेमी ऊपर उठाया और शिवशक्ति प्वाइंट से करीब 30 से 40 सेमी दूर सुरक्षित लैंड किया. यह लैंडिंग इसलिए भी खास है क्योंकि इससे भविष्य में सैंपल की वापसी या ह्यूमन मिशन को उत्साहित करेगा.

4 सितंबर को दोबारा लैंडिंग

इसरो के मुताबिक लैंडर पर जितने भी सिस्टम को लगाया गया है वो सभी बेहतर तरीके से काम कर रहे हैं. 23 अगस्त की लैंडिंग के बाद 2 सितंबर को विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर को स्लीपिंग मोड में डाला गया था. इसरो का कहना है कि उम्मीद है कि 22 सितंबर के बाद भी विक्रम और प्रज्ञान सफलतापूर्व अपने काम को अंजाम देंगे. इससे पहले प्रज्ञान रोवर ने चांद की सतह का अध्ययन कर जो जानकारी भेजी है उसे बेहद अहम बताया जा रहा है.

23 अगस्त को हुई थी पहली लैंडिंग

23 अगस्त के बाद से प्रज्ञान रोवर करीब 100 मीटर की दूरी चांद पर तय कर चुका है और जो जानकारियां भेजी है उसे आगे के मिशन के साथ साथ चांद को समझने में मदद मिलेगी. ऑक्सीजन,सिलिकॉन, टाइटेनियम, फेरोनियम की उपलब्धता बड़ी उम्मीद को जन्म दे रही है. आने वाले समय में आर्थिक संसाधनों की जरूरतों को चांद पूरा कर सकता है. जानकारों का कहना है कि इसरो का चंद्रयान मिशन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कम से कम बजट में बड़ी सफलता कैसे हासिल की जा सकती है.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About

नेशनल फ्रंटियर

नेशनल फ्रंटियर, राष्ट्रहित की आवाज उठाने वाली प्रमुख वेबसाइट है।

Follow us

  • About us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Sitemap

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .

  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .