राजमाता राजस्थान में बांसवाड़ा राजघराने की रहने वाली थीं. राजमाता सूरज कुंवर शाह का विवाह 4 फरवरी 1937 को टिहरी के महाराजा मानवेंद्र शाह से हुआ था। राजमाता वह काफी दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं। शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। वह अपने पीछे पुत्र महाराजा मनुजेंद्र शाह और तीन बेटियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गई हैं। तीनों बेटियों की शादी राजस्थान के राजघरानों में हुई है.तीनों महारानियां हैं। रविवार को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा। राजमाता सूरज कुंवर शाह भगवान बद्री विशाल की भक्त थीं। राजमाता के आकस्मिक निधन पर टिहरी राजपरिवार के राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल, राज परिवार के सदस्य ठाकुर भवानी प्रताप,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व विधायक किशोर उपाध्याय, पौड़ी सांसद व् पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, पूर्व मंत्री दिनेश धनै, मेहरवान सिंह रावत और रामकथा वाचक तिलक राम चमोली ने गहरा दुख व्यक्त किया है।नेशनल फ्रंटियर, राष्ट्रहित की आवाज उठाने वाली प्रमुख वेबसाइट है।
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