हल्द्वानी : बीते शुक्रवार को हल्द्वानी में वन प्लस मोबाइल स्टोर की दुकान में एक करोड़ के मोबाइल चोरी होने के बाद से कोहराम मचा हुआ है।
चोरों को दबोचने के लिए पुलिस की कोशिशें लगातार जारी हैं। इसी बीच पुलिस के हाथों बड़ा सुराग हाथ लगा है। इस चोरी में घोड़ासहन गैंग के सदस्यों के शामिल होने की बात आई है। पुलिस के मुताबिक मोबाइल चोरी को अंतरराष्ट्रीय घोड़ासहन गैंग ने ही अंजाम दिया था। इस गैंग के तार बिहार से जुड़े हुए हैं जो पूरे उत्तरभारत में मोबाइल की दुकानों व शोरूम को निशाना बना चुका है। इस गैंग की खास बात यह है कि करोड़ों के मोबाइल चोरी करने वाले गैंग के सदस्य खुद कभी मोबाइल नहीं चलाते हैं। इसलिए इन्हें पकड़ पाना हर बार पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। आगे पढ़िए
बता दें कि बीती शुक्रवार को वन प्लस मोबाइल स्टोर की दुकान में शुक्रवार को एक करोड़ के मोबाइल चोरी हो गए थे। तीन दिन बीत जाने के बाद पुलिस चोरों को नहीं पकड़ पाई है। हालांकि पुलिस की कोशिशें लगातार जारी हैं। तीन टीमें उत्तरप्रदेश के विभिन्न स्थानों में सक्रिय दे रही है।
यह गैंग इतना शातिर है कि वारदात के समय बाइक व कार का प्रयोग कभी नहीं करता है। ट्रेन व रोडवेज बसों से सफर कर अलग-अलग राज्यों में जाकर रैकी करते हैं। पांच से 10 दिन रैकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया जाता है। चोरी के समय दो युवक रखवाली करने खड़े रहते हैं ताकि किसी को यह आभास न हो कि चोरी हो रही है। पुलिस के अनुसार घोड़ासहन गैंग आधी रात गुजर जाने के बाद वारदात को अंजाम देना शुरू करती है। चोरी के मोबाइलों का आइएमइआइ नंबर बदलकर नेपाल में बेच देते हैं। पुलिस पूरे गैंग की तलाश में जुटी हुई है।
