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जिस रुद्राष्टकं से भगवान राम ने रावण पर पाई थी विजय, जानें उसके पाठ का धार्मिक महत्व

Jitendra Kumar by Jitendra Kumar
07/07/23
in धर्म दर्शन
जिस रुद्राष्टकं से भगवान राम ने रावण पर पाई थी विजय, जानें उसके पाठ का धार्मिक महत्व

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सनातन पंरपरा में अपने आराध्य की साधना में मंत्र जप को सबसे प्रभावी और फलदायी माना गया है. यही कारण है कि श्रावण मास में शिव भक्त भागवान भोलेनाथ की पूजा में अपनी-अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ विभिन्न प्रकार के मंत्रों और स्तोत्र आदि का पाठ करते हैं. तमाम तरह के शिव मंत्रों में गोस्वामी श्री तुलसीदास जी द्वारा रचित रुद्राष्टकं का पाठ बहुत ज्यादा शुभ और फलदायी माना गया है. मान्यता है कि सतयुग में भगवान श्री राम ने लंका विजय करने से पहले शिव साधना करते समय इन्हीं मंत्रों से महादेव की स्तुति की थी. आइए शिव साधना में रुद्राष्टकं के पाठ का धार्मिक महत्व और इससे होने वाले 5 बड़े लाभ के बारे में विस्तार से जानते हैं.

कब और कैसे करें रुद्राष्टकं का पाठ

हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान भोलेनाथ का सुमिरन और पूजन कभी भी कर सकते हैं लेकिन उनकी पूजा का फल उनके प्रिय मास, प्रिय तिथि और प्रिय काल यानि समय पर करने पर उसका शुभ शीघ्र ही प्राप्त होता है. ऐसे में यदि आप रुद्राष्टकं के पाठ का शीघ्र ही पुण्यफल प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए सायंकाल में तन और मन से पवित्र होकर ईशान कोण में बैठ कर विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक करें. भगवान शिव की साधना लाल रंग के ऊनी आसन अथवा कुश के आसन पर बैठकर करें. मान्यता है कि सावन के महीने में 7 दिनों तक लगातार रुद्राष्टकं का पाठ करने पर साधक की बड़ी से बड़ी मनोकामना पूरी हो जाती है.

रुद्राष्टकं पढ़ने के 5 बड़े लाभ

  • सनातन परंपरा में भगवान शिव की स्तुति करने वाला रुद्राष्टकं का पाठ करने पर शिव साधक की मनोकामना शीघ्र ही पूरी होती है.
  • हिंदू मान्यता के अनुसार शिव पूजा के दौरानरुद्राष्टकं का पाठ करने से जीवन से जुड़े किसी भी शारीरिक और मानसिक कष्ट बहुत जल्दी मुक्ति मिल जाती है.
  • यदि आप लंबे समय से किसी मामले को लेकर लंबे समय से कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं तो आपको मुकदमें में शीघ्र की विजय की कामना करते हुए श्रावण मास में प्रतिदिनरुद्राष्टकं का पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ पाठ करना चाहिए.
  • यदि आपको हर समय किसी ज्ञात-अज्ञात शत्रु का भय बना रहता है तो आपको उस पर विजय या फिर कहें उससे मुक्ति पाने के लिए आपको प्रतिदिनरुद्राष्टकं का पाठ शाम के समय करना चाहिए.
  • हिंदू मान्यता के अनुसार श्री तुलसीदास जी रचितरुद्राष्टकं का पाठ करने वाले साधक पर हर समय देवों के देव महादेव की कृपा बरसती है और उसके सभी कष्ट पलक झपकते दूर होते हैं.

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