खतरनाक स्तर पर कोरोना की दूसरी लहर, ढूंढे नहीं मिल रहे हैं ये लोग

देहरादून l उत्तराखंड में कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक होती जा रही है। कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले तीन-चार दिनों में प्रत्येक दिन 2000 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। अस्पतालों में फिर से कोरोना मरीजों की संख्सा बढ़ने से बेड फुल होने लगे हैं। मरीजों को इलाज भी किया जा रहा है, लेकिन कुछ मरीजों को प्लाजमा थेरेपी की जरूरत पड़ रही है। लेकिन, परेशानी यह है कि प्लाजमा डोनर ढूंढे नहीं मिल रहे हैं।

देहरादून और हरिद्वार में कोरोना से बुरा हाल है। कई गंभीर मरीजों को देहरादून और ऋषिकेश एम्स रेफर किया जा रहा है। हायर सेंटर में मरीजों की प्लाज्मा थेरेपी के लिए डोनर मांगे जा रहे हैं, लेकिन जिलेभर में प्लाज्मा डोनर ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। गंभीर कोविड संक्रमितों को प्लाज्मा थेरेपी दी जाती है।

इनमें स्वस्थ हो चुके लोगों का प्लाज्मा चढ़ाया जाता है। कोरोना से ठीक होने वाला व्यक्ति 90 दिन तक अपना प्लाज्मा दे सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस अवधि में ही प्लाज्मा डोनर के शरीर में अच्छी एंटबॉडी रहती है। कुछ दिनों से हरिद्वार में कोविड संक्रमितों का दैनिक आंकड़ा 500 पार जा रहा है।


साभार : खबरउत्तराखंड.कॉम

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