Friday, March 6, 2026
नेशनल फ्रंटियर, आवाज राष्ट्रहित की
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
No Result
View All Result
नेशनल फ्रंटियर
Home टेक वर्ल्ड

किसने बनाया QR कोड, जिसका UPI पेमेंट से लेकर आधार वेरिफिकेशन में हो रहा उपयोग

Jitendra Kumar by Jitendra Kumar
11/04/25
in टेक वर्ल्ड, राष्ट्रीय, समाचार
किसने बनाया QR कोड, जिसका UPI पेमेंट से लेकर आधार वेरिफिकेशन में हो रहा उपयोग
Share on FacebookShare on WhatsappShare on Twitter

नई दिल्ली। आजकल के डिजिटल वर्ल्ड में हम कई चीजें ऑनलाइन करते हैं। कॉन्टैक्ट शेयर करने से लेकर डिजिटल पेमेंट और यहां तक की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन जैसे काम भी डिजिटली हो जाते हैं। इन सब कामों को सुगम बनाने में QR कोड का अहम योगदान रहा है। UPI पेमेंट करते समय आपको महज QR कोड को स्कैन करना होता है और आप आसानी से पेमेंट कर पाते हैं।

QR कोड की खासियत यह है कि यह जितनी बार जेनरेट होता है, उतनी बार उसमें एक यूनिकनेस होती है यानी हर QR कोड एक-दूसरे से अलग होता है। क्या आप जानते हैं कि क्यू आर कोड का आविष्कार आज से करीब 31 साल पहले हुआ था? जी हां, आज हम जिस QR कोड के जरिए UPI पेमेंट से लेकर आधार वेरिफिकेशन जैसे कामों के लिए करते हैं, यह टेक्नोलॉजी 31 साल पहले ही आ गई थी।

किसने बनाया QR कोड?

QR यानी क्विक रिस्पॉन्स कोड का आविष्कार एक जापानी इंजीनियर मासाहिरो हारा ने 1994 में किया था। मासाहिरो ने जापान के होसेई यूनिवर्सिटी से ग्रेजूएशन किया है। इस कोड को टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन की सहायक कंपनी डेंसो वेब ने डेवलप किया था। मासाहिरो हारो को QR कोड का आइडिया Go गेम खेलते हुआ आया था। अगर, आपने कभी Go गेम नहीं खेला है तो बता दें कि इसमें एक गो बोर्ड होता है, जिसमें 19×19 के ग्रिड बने होते हैं। इस ग्रिड में काले और सफेद रंग के पत्थर बने होते हैं।

ग्रिड में छुपी होती है कई जानकारियां

मासहिरो हारा ने जब इस गेम बोर्ड को देखा तो उन्हें लगा कि एक ग्रिड में कई जानकारियां रखी जा सकती हैं और इसे कई कोणों, दूरियों आदि से पढ़ी जा सकती है। इसके बाद मासाहिरो ने डेंसो वेब टीम के साथ मिलकर इस ग्रिड प्रणाली को QR कोड में तब्दील करने का काम किया। इस QR कोड में लोकेटर, पहचानकर्ता और वेब ट्रैकिंग के लिए डेटा होता है। इसका इस्तेमाल पहले ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में पार्ट्स को लेबल करने के लिए किया गया। बाद में यह इलेक्ट्रॉनिक्स टिकट, कॉन्टैक्ट शेयरिंग, पेमेंट समेत कई चीजों के लिए किया जाने लगा है।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About

नेशनल फ्रंटियर

नेशनल फ्रंटियर, राष्ट्रहित की आवाज उठाने वाली प्रमुख वेबसाइट है।

Follow us

  • About us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Sitemap

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .

  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .