नई दिल्ली l दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो वाट्सऐप हैक कर लेता था. इसके बाद ये लोग झांसा देकर पीडि़त से पैसे की डिमांड करते थे, सामने वाले को लगता था कि उसका दोस्त या परिचित पैसे मांग रहा है लेकिन असल में पर्दे के पीछे ये ठग होते थे.
दिल्ली पुलिस के साइबर सेल डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ने बताया की वाट्सऐप हैकिंग का ये गैंग दिल्ली और बेंगुलरु से ऑपरेट कर रहा था. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक विदेशी नागरिक चिमेलुन इम्मानुएल को गिरफ्तार किया है. आरोपी के पास से पुलिस को 1 लैपटॉप और 15 मोबाइल फोन मिले हैं. दिल्ली साइबर सेल की टीम दिल्ली और बेंगुलुरु के कई इलाकों में इसे लेकर छापेमारी कर रही हैं. वॉट्सऐप हैकिंग के इस गैंग ने ये कई अकाउंट्स लड़कियों के नाम पर बना रखे थे. जिससे सोशल मीडिया से लोगों को अपने जाल में फंसाया जा सके और लोगों को ठगा जा सके.
सैकड़ों लोगों को बनाया निशाना
ये गैंग फर्जी वीजा के काम में भी लिप्त था. आरोपी मैन्युअल वीजा समाप्त होने के बाद भी फर्जी तरीके से भारत मे रह रहा था. साइबर सेल की टीम आरोपी विदेशी नागरिक की निशानदेही पर कई जगह छापेमारी कर रही है. ताकि इस वॉट्सऐप हैकिंग से जुड़ें दूसरे आरोपियों की गिरफ्तारी हो सके.
ऐसे करता था ये गैंग काम
- ये गैंग लैपटॉप के जरिए कुछ एप्लीकेशन की मदद से लोगों के वॉट्सऐप अकाउंट को हैक कर लेता था
- इसके बाद पीड़ित के मोबाइल का डेटा मैसेज कॉन्टैक्ट, आरोपियों के लैपटॉप में पहुंचा जाता था
- हैकिंग के बाद ये गैंग कॉल लिस्ट में मौजूद लोगों से संपर्क करता था
- फिर ये गैंग पैसों की मांग करता था
- जिस पीड़ित को ये टारगेट करते थे उस पीड़ित को लगता था की उसका दोस्त बात कर रहा है
खबर इनपुट एजेंसी से
