आखिर क्यों नीता अंबानी के खिलाफ धरने पर बैठे BHU छात्र?, जानिए वजह

बनारस l बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के छात्र मशहूर पूंजीपतियों को विजिटिंग प्रोफेसर बनाए जाने के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं. इन्हीं पूंजीपतियों में एक नाम नीता अंबानी का भी है. छात्रों का आरोप है कि बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के लोग सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं. इस मामले में छात्रों ने कुलपति आवास का घेराव भी किया है. बता दें कि बीएचयू ने नीता अंबानी समेत कई पूंजीपतियों को विजिटिंग प्रोफेसर बनाने का प्रस्ताव भेजा है.

छात्रों के प्रदर्शन के बाद बीएचयू के कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन समेत उच्चाधिकारियों को वीसी लाज बुलाया. अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही छात्रों के मांग को लेकर फैसला लिया जाएगा. कुलपति प्रो. राकेश भटनागर से मुलाकात के लिए पहुंचे करीब 50 छात्रों ने नीता अंबानी, ऊषा मित्तल और प्रीति अडानी को विजिटिंग प्रोफेसर का पद न दिए जाने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे. इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी कई पोस्ट किए गए.

Visiting Professor बनाए जाने का मामला
बीएचयू के महिला अध्ययन और विकास केंद्र ने नीता अंबानी, ऊषा मित्तल और प्रीति अडानी समेत कई पूंजीपतियों को विजिटिंग प्रोफेसर बनाने का प्रस्ताव भेजा है. यूनिवर्सिटी के सामाजिक विज्ञान संकाय की ओर से 12 मार्च को यह प्रस्ताव दिया गया था. बीएचयू समेत पूर्वांचल के महिलाओं का जीवनस्तर सुधारने के लिए विजिटिंग प्रोफेसर बनाने की बात कही गई है. नीता अंबानी को विजिटिंग प्रोफेसर बनाने को लेकर बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय प्रमुख का एक कथित रूप से विवादित बयान सामने आया है.

नीता अंबानी के नाम का विरोध
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में विजिटिंग प्रोफेसर के लिए नीता अंबानी का नाम प्रस्तावित किया गया है. नीता अंबानी को बीएचयू में शिक्षण प्रशिक्षण से जुड़ने का आग्रह किया गया था. रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी ने मुंबई यूनिवर्सिटी से बीकॉम किया है और उन्हें वर्ष 2014 में रिलायंस इंडस्ट्रीज का कार्यकारी डायरेक्टर बनाया गया था.


साभार : tv9hindi.com

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