उत्तराखंड : जलवायु परिवर्तन से निपटने में महिलाओं की भूमिका अहम

अल्मोड़ा। जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान अल्मोड़ा के पर्यावरण आकलन और जलवायु परिवर्तन केंद्र की ओर से ‘पर्वतीय महिलाओं को सशक्त बनाना है विषय पर आजादी का अमृत महोत्सव के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पर्वतीय महिलाओं को सशक्त और जागरूक करने का प्रयास किया गया।

अंतरराष्ट्रीय पर्वतीय दिवस को लेकर ये कार्यक्रम जीआईसी कठपुड़िया में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए शोधार्थी निधि कंवर ने सभी का स्वागत किया और अंतरराष्ट्रीय पर्वतीय दिवस का परिचय दिया। डॉ. मिथिलेश सिंह ने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में महिलाओं की भूमिका की जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ. जेसी कुनियाल ने जलवायु परिवर्तन की समस्याएं और समाधान के बारे में तमाम जानकारियां दीं। साथ ही प्रतिभागियों को जलवायु परिवर्तन के हानिकारक प्रभावों से रूबरू कराया।

उन्होंने छात्राओं को महिलाओं की भूमिका के बारे में बताते हुए समझाया कि महिलाओं को पहाड़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। डॉ. सुमित राय ने पहाड़ी कृषि पोषक तत्व प्रबंधन के माध्यम से जलवायु लचीलापन के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों सहित 65 लोगों ने प्रतिभाग किया।

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