सामाजिक समरसता के कथाकार प्रेमचंद्र

श्री कृष्ण यादव, प्रतापगढ़ परास्नातक छात्र, हिंदी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय कविता, कहानी और वर्तमान विषय पर विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेखन प्रेमचंद सिर्फ साहित्यिक प्राणी ही नहीं थे, बल्कि उनकी कलम…

मां का जीवन

मां कभी रोती नहीं थी, कभी झगड़ती नहीं थी, कभी ज़िद नहीं करती थी,  कभी अड़ती नहीं थी, मां तो सतयुग आरंभ वाले दिन ही पैदा हुई थी, धरती पर…