हल्द्वानी। शनिवार देर रात तिकोनिया में वाहन तलाशी के दौरान पुलिस ने खुद को खुफिया ब्यूरो का अधिकारी बताकर रौब गांठ रहे रामपुर के युवक को गिरफ्तार कर लिया। कार पर लाल-नीली बत्ती और भारत सरकार का बोर्ड लगा था। तलाशी लेने पर पिस्टल जैसी दिखने वाली एयरगन, फर्जी पहचान पत्र और खुफिया ब्यूरो से संबंधित कागजात बरामद हुए। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी गयी है।
आरोपी की पहचान मोहासिब खान पुत्र मोहम्मद अयूब खान, उम्र 24 वर्ष, निवासी शाहबाद गेट, मोहल्ला ईदगाह, थाना कोतवाली, जिला रामपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार 12 सितंबर की रात उपनिरीक्षक कृपाल सिंह चैकी हाजा क्षेत्र में चेकिंग के लिए पहुंचे थे।रात करीब 11.30 बजे तिकोनिया में वाहन चेकिंग के दौरान काठगोदाम की ओर से कार संख्या यूपी 25 सीएस 9327 आती दिखाई दी। कार पर लाल-नीली बत्ती और भारत सरकार का बोर्ड लगा था।
पुलिस ने कार रोककर चालक को नीचे उतारा और नाम-पता पूछा। युवक ने खुद को खुफिया ब्यूरो का अधिकारी बताते हुए पहचान पत्र दिखाया। पद के बारे में पूछताछ करने पर वह सकपका गया। शक होने पर पुलिस ने कार की तलाशी ली तो डैशबोर्ड से पिस्टल जैसी दिखने वाली एयरगन और खुफिया ब्यूरो से संबंधित कागजात बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि एयरगन वह रौब दिखाने के लिए रखता था। पुलिस के अनुसार उसके पास मिले पहचान पत्र और अन्य कागजात फर्जी थे। इनका इस्तेमाल खुद को खुफिया ब्यूरो का जवान बताकर लोगों पर प्रभाव जमाने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस ने आरोपी को रात करीब 12.30 बजे गिरफ्तार कर लिया। बरामद पहचान पत्र, खुफिया ब्यूरो से संबंधित कागजात और एयरगन को कब्जे में लेकर सील किया गया। वाहन के कागजात मांगने पर भी आरोपित उन्हें नहीं दिखा सका। पुलिस ने वाहन को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया। आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 168, 318(3), 319(2) और 336(2) में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आरोपी ने कार को इस तरह तैयार कर रखा था कि पहली नजर में वह किसी सरकारी अधिकारी का वाहन लगे। कार पर भारत सरकार का बोर्ड और लाल-नीली बत्ती लगी थी। पूछताछ में वह खुद को खुफिया ब्यूरो का अधिकारी बताकर पहचान पत्र दिखा रहा था। तलाशी में फर्जी कागजात मिलने के बाद उसके पूरे दावे की पोल खुल गई।पुलिस के अनुसार आरोपित ने खुफिया ब्यूरो का जवान दिखने के लिए फर्जी पहचान पत्र और संबंधित कागजात तैयार कराए थे। उसके पास से बरामद दस्तावेजों को लाल रंग की फाइल में रखकर सफेद कपड़े में सील किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी पहचान पत्र और अन्य कागजात उसने कहां से तैयार कराए और इनका इस्तेमाल पहले कहां-कहां किया गया।
