रुद्रपुर। काशीपुर स्थित महुआखेड़ागंज क्षेत्र में 21 वर्षीय युवती मेहविश की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 12 बोर का अवैध तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद आरोपियों ने घटनास्थल से सबूत मिटाने का प्रयास भी किया था। आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्यवाही शुरू कर दी गयी है।
जानकारी के अनुसार 10 सितंबर को महुआखेड़ागंज क्षेत्र में युवती मेहविश की गोली लगने से मौत होने की सूचना सामने आई थी। मामले में मृतका के परिजन फईम हुसैन पुत्र स्वर्गीय फरियाद हुसैन निवासी महुआखेड़ागंज, काशीपुर ने 11 सितंबर को आईटीआई कोतवाली में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उधम सिंह नगर अजय गणपति ने घटना के शीघ्र अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। इसके बाद आईटीआई कोतवाली पुलिस की टीमों का गठन किया गया और नामजद आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश और सुरागरसी-पतारसी की जा रही थी।
12 सितंबर को आईटीआई पुलिस टीम चैकी पैगा क्षेत्र में आरोपियों की तलाश और विवेचनात्मक कार्रवाई के लिए रवाना थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से आरोपियों के संबंध में सटीक सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अलीगंज रोड से पीपल गांव जाने वाले रास्ते पर राधास्वामी सत्संग के पास घेराबंदी की।
पुलिस ने मौके से तीन नामजद आरोपियों साजिद, सबीना और फिजा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ और तलाशी के दौरान साजिद के कब्जे से 12 बोर का अवैध तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में साजिद ने पुलिस को बताया कि उसने यह तमंचा करीब छह महीने पहले महुआखेड़ा निवासी जमील से लिया था।
पुलिस की पूछताछ में घटना को लेकर जो जानकारी सामने आई, उसके अनुसार घटना के दौरान साजिद की छोटी बेटी और मेहविश के बीच छीनाझपटी हुई थी। इसी दौरान साजिद की छोटी बेटी के हाथ से गोली चल गई, जो मेहविश को जा लगी, गोली लगने से मेहविश की मौत हो गई।
घटना के बाद साजिद और उसकी बेटी फिजा ने मौके पर फर्श पर पड़े खून के धब्बों को मिटाने का प्रयास किया। इसके बाद साजिद ने कथित तौर पर मृतका के शव को अपने घर से हटाकर उसके घर पहुंचाया, जिससे घटनास्थल को बदलने का प्रयास किया गया। घटना के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार होने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
