जानिए क्या है योग गुरू का प्लान? जिससे किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

नई दिल्ली l योग गुरु बाबा रामदेव के पतंजलि समूह के नेतृत्व वाली रुचि सोया ने असम, त्रिपुरा और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में ताड़ के तेल के बागान शुरू करने की योजना बनाई है.

Oil processor जिसे पतंजलि समूह ने दो साल पहले अपने कब्जे में ले लिया था. कंपनी पहले ही ताड़ के तेल बागानों के लिए जगह का सर्वेक्षण कर चुकी है. ये बागान किसानों के साथ कॉन्ट्रैक्ट के जरिए स्थापित किए जाएंगे. असम, त्रिपुरा और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में रुचि सोया अपनी प्रोसेसिंग यूनिट लगाएगी और पाम की खरीदारी की गारंटी ली जाएगी.

इन राज्यों में स्थापित होंगे पाम ऑयल प्लांटेशन
कंपनी के मुताबिक, पतंजलि की यह योजना उत्तर पूर्व में पाम ऑयल प्लांटेशन स्थापित करने की है. इसके लिए असम, त्रिपुरा, मेघालय, मणिपुर सहित अन्य राज्यों जगह देखी गई है. सर्वे पूरा कर लिया है. बता दें कि भारत में वर्तमान में असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, अंडमान, गुजरात, गोवा, आंध्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में ऑयल पाम के छिटपुट बागान हैं.

रुचि सोया का आ रहा है FPO
PTI दी गई जानकारी के मुताबिक, योग गुरु रामदेव तेल बागानों की शुरुआत कब से करेंगे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. बता दें कि इसे रुचि सोया के फॉलोआन पब्लिक ऑफर के बाद शुरू किया जा सकेगा, फिलहाल कंपनी FPO के जरिए निवेशकों से धन जुटाने की प्रक्रिया में है.

नतीजतन पतंजलि आयुर्वेद रुचि सोया में 4,300 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी बेच रही है. रामदेव ने कहा कि बिक्री से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जाएगा. उन्होंने संकेत दिया कि किसानों द्वारा चलाए जाने वाले बागानों को रुचि सोया द्वारा स्थापित प्रसंस्करण संयंत्रों द्वारा समर्थित किया जाएगा, क्योंकि ताड़ की कटाई के 48 घंटों के भीतर तेल को संसाधित करना होता है.


खबर इनपुट एजेंसी से

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *