भारत पेट्रोलियम बेचने के लिए ये नया रास्ता अपना सकती है सरकार!

नई दिल्ली l सरकार लंबे समय से भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) को बेचने की कोशिश कर रही है. अब सरकार के अंदर इसे बेचने के लिए नया रास्ता तलाशने पर विचार-विमर्श चल रहा है. दीपम (DIPAM) सचिव तुहिन कांत पांडे की बात इसी ओर इशारा करती है.

क्या बोले दीपम सचिव

इंडिया टुडे के बजट 2022-23 राउंडटेबल कार्यक्रम में निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव तुहिन कांत पांडे ने कहा कि भारत पेट्रोलियम के विनिवेश (BPCL Disinvestment) के लिए हमें शुरुआती बोलियां मिली हैं, लेकिन अभी ये बोलियां फाइनेंशियल बिड में नहीं बदल पाई हैं. ऐसे में अगर मौजूदा बोली लगाने वाले फाइनेंशियल बिड के साथ आगे नहीं बढ़ते हैं तो सरकार फिर नए सिरे बोलियां (Fresh Bids) मंगाएगी. इस बारे में स्थिति कुछ दिन में साफ हो जाएगी.

अभी इन कंपनियों ने दिखाई रुचि

अभी तक वेदांता समूह, निजी इक्विटी फर्म अपोलो ग्लोबल और आई-स्क्वेयर्ड कैपिटल की थिंक गैस इकाई ने बीपीसीएल में सरकार की 52.98% हिस्सेदारी खरीदने में रुचि दिखाई है. सरकार को इस साल मार्च तक बीपीसीएल के बिकने की उम्मीद है.

BPCL के खरीदार को मिलेगा इतना कुछ

भारत पेट्रोलियम की बोली जीतने वाली कंपनी को भारत के रिटेल फ्यूल मार्केट में 25.77% की हिस्सेदारी मिलेगी. इसके अलावा उसे देश की कुल पेट्रोलियम रिफाइनिंग क्षमता में से 15.3% की हिस्सेदारी मिलेगी. कंपनी के पास अभी मुंबई, कोच्चि, बीना और नुमलीगढ़ में चार रिफाइनरी हैं. इनकी कुल क्षमता 3.83 करोड़ टन सालाना पेट्रोलियम रिफाइन करने की है.


खबर इनपुट एजेंसी से

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