देश की सुरक्षा करने वाले सैनिक अब करेंगे गंगा नदी की सुरक्षा, जानें पूरा प्लान

देहरादून l गंगा नदी के संरक्षण के प्रति जागरूकता के लिए 1000 पूर्व सैनिक उत्तराखंड में गंगोत्री से बंगाल में गंगासागर तक साइकिल यात्रा करेंगे। दो मार्च से दो अप्रैल के तक चलने वाले इस अतुत्य गंगा साइक्लॉथन-2022 की अगुआई लेफ्टिनेंट जनरल आलोक कलेर कर रहे हैं। रविवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रि.) ने राजभवन में हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया।

राज्यपाल ने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ जल संसाधन सौंपना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य और नैतिक जिम्मेदारी है। आज पर्यावरण ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के कारण अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। विशेषकर जल प्रदूषण एक बड़ी चुनौती है। हमारा जल गुणवत्ता सूचकांक 120वें स्थान पर है। यह अत्यन्त चिंता का विषय है।

विशेषकर युवा वर्ग को मानवता को जल प्रदूषण से बचाने तथा जल संरक्षण के लिए पहल करनी होगी। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी, लेफ्टिनेंट जनरल जितेन्द्र कृषानिया, ब्रिगेडियर विकास रोहेला, ब्रिगेडियर नरेन्द्र चराग, ब्रिगेडियर जयाचन्द्रन सीजे, कर्नल अमित बिष्ट और पूर्व सैनिक मौजूद रहे।

गंगोत्री से गंगासागर तक का यह साइक्लिंग महाअभियान लोगों को नदियों के संरक्षण और प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए प्रेरित करेगा। इससे प्रदूषण का सटीक आकलन होगा। इस अभियान के दौरान पौधरोपण का कार्यक्रम भी सराहनीय पहल है। पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए हम सभी को सिंगल यूज्ड प्लास्टिक का प्रयोग बंद करना होगा।
लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रि.), राज्यपाल

11 वर्ष से सक्रिय हैं नदियों के संरक्षण के लिए
सेवाकाल के दौरान मुल्क की सीमाओं की हिफाजत के लिए मुस्तैद रहने वाले पूर्व सैनिक रिटायरमेंट के बाद पिछले 11 साल से नदियों की सुरक्षा के लिए सक्रिय हैं। राजभवन के अनुसार अतुल्य गंगा ट्रस्ट के माध्यम से शुरू हुए आज के अतुत्य गंगा साइक्लॉथन-2022 से जुड़े पूर्व सैनिक पूर्व में भी कई अभियान चला चुके हैं। उनका फोकस आम लोगों को सूखती और प्रदूषित होती नदियों की सुरक्षा के प्रति लोगों को संवेदनशील करना है।


खबर इनपुट एजेंसी से

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