ये हैं 21वीं सदी के विकसित भारत के निर्माण के 2 प्रमुख स्तंभ, PM मोदी ने किया जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बद्रीनाथ में पूजा-अर्चना के बाद माणा गांव में सड़क और रोपवे परियोजनाओं का शिलान्यास किया. इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज बाबा केदार और बद्री विशाल जी के दर्शन करके मन प्रसन्न हो गया, जीवन धन्य हो गया. उन्होंने आगे कहा कि माणा गांव, भारत के अंतिम गांव के रूप में जाना जाता है, लेकिन मेरे लिए सीमा पर बसा हर गांव, देश का पहला गांव है.

21वीं सदी के विकसित भारत के निर्माण के 2 प्रमुख स्तंभ

बद्रीनाथ में सीमा पर बसे लोगों को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने 21वीं सदी के विकसित भारत के निर्माण के दो प्रमुख स्तंभों की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा, ’21वीं सदी के विकसित भारत के निर्माण के दो प्रमुख स्तंभ हैं. पहला- अपनी विरासत पर गर्व, दूसरा- विकास के लिए हर संभव प्रयास.’

गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाना है: पीएम मोदी

पीएम मोदी (Narendra Modi) ने आगे कहा, ‘देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर मैंने लाल किले पर एक आह्वान किया, ये आह्वान हैं गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्ति का. क्योंकि, आजादी के इतने वर्षों बाद भी, हमारे देश को गुलामी की मानसिकता ने ऐसा जकड़ा हुआ है कि प्रगति का कुछ कार्य कुछ लोगों को अपराध की तरह लगता है. विदेशों में वहां की संस्कृति से जुड़े स्थानों की ये लोग तारीफ करते नहीं थकते थे, लेकिन भारत में इस प्रकार के काम को हेय दृष्टि से देखा जाता था.’

प्राणवायु की तरह हैं आस्था के केंद्र: प्रधानमंत्री

पीएम मोदी ने कहा, ‘आस्था के ये केंद्र सिर्फ एक ढांचा नहीं, बल्कि हमारे लिए प्राणवायु की तरह हैं. वो हमारे लिए ऐसे शक्तिपुंज हैं, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी हमें जीवंत बनाए रखते हैं. विकास के इन सभी प्रोजेक्ट्स के लिए, उत्तराखंड को और देश-विदेश के हर श्रद्धालु को मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं. गुरुओं की कृपा बनी रहे, बाबा केदार की कृपा बनी रहे, बद्री विशाल की कृपा बनी रहे, हमारे सभी श्रमिक साथियों को भी शक्ति मिले, यही प्रार्थना करते हैं. अयोध्या में इतना भव्य राममंदिर बन रहा है, गुजरात के पावागढ़ में मां कालिका के मंदिर से लेकर विन्ध्याचल देवी के कॉरिडोर तक, भारत अपने सांस्कृतिक उत्थान का आह्वान कर रहा है.’

पहले सीमा पर बसे गांवों को किया जाता था नजरअंदाज: पीएम

पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आगे कहा, ‘पहले जिन इलाकों को देश की सीमाओं का अंत मानकर नजरअंदाज किया जाता था, हमने वहां से समृद्धि का आरंभ मानकर काम शुरू किया. पहले देश का आखिरी गांव जानकर जिसकी उपेक्षा की जाती थी, हमने वहां के लोगों की अपेक्षाओं पर फोकस किया. पहले देश के विकास में जिनके योगदान को महत्व नहीं दिया गया, हमने उन्हीं को साथ लेकर प्रगति के महान लक्ष्यों की ओर बढ़ने का संकल्प लिया.’

उन्होंने आगे कहा, ‘पहले देश के विकास में जिनके योगदान को महत्व नहीं दिया गया, हमने उन्हीं को साथ लेकर प्रगति के महान लक्ष्यों की ओर बढ़ने का संकल्प लिया. एक संवेदनशील सरकार, गरीबों का दुख-दर्द समझने वाली सरकार कैसे काम करती है, आज देश के हर कोने में लोग अनुभव कर रहे हैं. कोराना काल में जब वैक्सीन लगवाने की बारी आई, अगर पहले की सरकारें होती, तो शायद अभी तक वैक्सीन यहां तक नहीं आता. हिमालय की हरी भरी पहाड़ियों पर रेल गाड़ी की आवाज उत्तराखंड के विकास की नई गाथा लिखेगी. देहरादून एयरपोर्ट भी अब नए अवतार में सेवा दे रहा है.’

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