कौन सा पुल गिरने वाला है, कंप्यूटर देगा सिग्नल… ये गडकरी का मेगाप्रोजेक्ट है!

नई दिल्ली: गुजरात के मोरबी में पिछले दिनों केबल पुल टूटने से 135 लोगों की मौत हो गई थी। पुल की मरम्मत और सुरक्षा पर कई सवाल उठे। लोगों ने सवाल किया कि पुल के कमजोर होने की जांच पहले क्यों नहीं की गई और क्या ऐसा कोई सिस्टम अपने देश में है जिससे पुल गिरने से पहले ही पता चल जाए? गुजरात में विधानसभा चुनाव हैं और मोरबी हादसे को विपक्ष काफी उछाल रहा है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने मेगाप्लान के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि अभी मैंने ऑस्ट्रेलिया और दूसरे देशों में जाकर अध्ययन किया है। नासिक में हमारे लोगों ने एक रिसर्च किया है कि सभी पुलों को हम ऐसे सिस्टम से जोड़ देंगे कि दिल्ली में रखे हमारे कंप्यूटर को पहले ही पता चल जाएगा कि कौन सा पुल गिरने वाला है। कौन सा पुल कमजोर हुआ है।

80 हजार पुल का रिकॉर्ड पूरा

एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने बताया, ‘हमने 80 हजार पुलों का रिकॉर्ड इकट्ठा किया है। इसे अभी 3-4 लाख ब्रिज का रिकॉर्ड तैयार करना है। अगर कमजोर या गिरने वाले पुल का पता चलता है तो तुरंत अलार्म बजेगा और फौरन राज्य सरकार और कॉरपोरेशन को सूचना दे दी जाएगी कि ये ब्रिज खराब है।’

ट्रेन में आगे लोग, पीछे भेड़-बकरी

पहाड़ों पर गोल-गोल घूमने वाले रास्ते से होकर लोग घंटों का सफर करके नीचे आते हैं। गडकरी ने बताया कि हम हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर जैसे पहाड़ी प्रदेशों के लिए नए मॉडल पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ से लगकर ऐसी रेलवे लाइन डाली जाएगी कि डब्बे में ऊपर के पार्ट में लोग बैठेंगे और नीचे के पार्ट में भेड़-बकरी, सब्जी, फल-फूल रहेगा। जिसके लिए चार घंटा लगता है वो 20 मिनट में हो जाएगा। फ्यूल भी नहीं लगेगा, खर्चा भी कम होगा। लद्दाख और लेह में इसका पायलट प्रोजेक्ट चलने वाला है। इसके अलावा एक पहाड़ी से दूसरे पहाड़ी को जोड़ने के लिए केबल नेटवर्क पर भी काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमने वादा किया है कि 2024 से पहले हम भारत के रास्ते को अमेरिका के बराबर बना देंगे। हमें अपने काम पर विश्वास है। बिहार, यूपी जैसे राज्यों के लोग अनुभव कर रहे हैं। हमें जलमार्ग बनाया, पोर्ट प्रॉफिट में है, एक्सपोर्ट बढ़ा है। हमने बायो-फ्यूल की बात की तो इथेनॉल बड़े पैमाने पर तैयार हो रहा है। किसान अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता बना है। गडकरी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत बनाना और देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने की कोशिश की जा रही है। हम केवल बातें ही नहीं कर रहे हैं, काम भी करके दिखा रहे हैं।

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