ED के लिए क्यों बन गए सिरदर्द भगोड़े नीरव मोदी के 3 फ्लैट्स!

नई दिल्ली : पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले में भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी के तीन फ्लैट्स ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नाक में दम कर रखा है. ये तीनों फ्लैट्स दक्षिण मुंबई के वर्ली समुद्र किनारे स्थिति हैं. ईडी ने इन फ्लैट्स को निलामी के लिए रखा था, लेकिन कानूनी बाधाओं की वजह से इन फ्लैट्स का कोई खरीदार नहीं मिल पा रहा है. इन फ्लैट्स का अनुमानित बाजार मूल्य 110 करोड़ रुपए आंका गया था. ईडी के अधिकारियों का कहना है कि इन फ्लैट्स में महंगे घरेलू सामान और पेंटिंग्स है.

टाइम्स ऑफ इंडिया ने ईडी सूत्रों के हवाले से लिखा है कि नीरव मोदी के भाग जाने के बाद से पिछले पांच सालों से इन फ्लैट्स पर ताला लटका हुआ है. सीबीआई और ईडी की ओर से पीएनबी घोटाले में केस दर्ज किए जाने के तुरंत बाद नीरव मोदी साल 2018 में देश छोड़कर भाग गया था. सरकार अगर इन फ्लैट्स को गेस्ट हाउस में बदलती है तो इनके रखरखाव के लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी. सूत्रों ने कहा कि फ्लैट्स के अंदर घरेलू सामान, बर्तन और पेंटिंग्स सही हालत में हैं, लेकिन फिर भी सरकार की इन संपत्तियों के रिनुअल और रखरखाव में कोई दिलचस्पी नहीं है.

ईडी के सामने क्या-क्या चुनौतियां हैं?

सूत्रों ने बताया कि अभी ईडी दवा तस्कर इकबाल मिर्ची के जब्त किए गए परिसरों का इस्तेमाल जोन 2 कार्यालय के लिए कर रही है. अगर ई़डी नीरव मोदी के फ्लैट्स को गेस्टहाउस के रूप में इस्तेमाल करती भी हो तो अंदर रखे महंगे सामानों को शिफ्ट करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. ईडी के अधिकारियों को डर है कि अगर सामानों को कोई नुकसान पहुंचता है तो इससे विवाद पैदा हो सकता है.

ईडी ने पिछले साल शुरू की थी इन फ्लैट्स की नीलामी की प्रक्रिया

सूत्रों का कहना है कि ईडी के अधिकारियों ने बीच का रास्ता निकालने के लिए दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है. ईडी ने पिछले साल इन फ्लैट्स की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन प्रक्रिया में देरी हो गई, क्योंकि नीरव के बेटे ने इस पर अपने स्वामित्व का दावा करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया. भारत में नीरव मोदी को कोर्ट ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर रखा है.

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