जानिए अगर लैंडिंग के दिन समस्या हुई तो चंद्रयान-3 का क्या होगा?

नई दिल्ली: चंद्रयान-3 मिशन का लैंडर मॉड्यूल (Vikram Lander) रविवार (20 अगस्त) को डीबूस्टिंग (धीमा करने की प्रक्रिया) से गुजरते हुए चंद्रमा के और पास पहुंच गया है. 23 अगस्त को शाम 5 बजकर 47 मिनट पर चंद्रयान की सॉफ्ट लैंडिंग हो सकती है. चलिए आपको बताते हैं अगर लैंडिंग में समस्या आई तो आगे क्या किया जाएगा.

बता दें कि अगर चंद्रयान 3 की लैंडिंग में समस्या आती है तो एक महीने बाद फिर से कोशिश की जाएगी. चंद्रयान-3 को अगली सुबह के लिए इंतजार करना होगा. यह अगली सुबह 28 दिन बाद होगी. हालांकि, इस बार सफल लैंडिंग की पूरी उम्मीद जताई गई है.

लैंडिंग को लेकर ISRO का ट्वीट

इसरो (ISRO) ने ट्वीट कर कहा, “चंद्रयान-3 आगामी 23 अगस्त 2023 को लगभग शाम 6:04 बजे चंद्रमा पर उतरने के लिए तैयार है. आप सभी की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद.” चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग होने के बाद लैंडर अब खुद ही आगे की यात्रा कर रहा है और ये चांद से महज 25 किमी की दूरी पर चक्कर लगा रहा है.

14 जुलाई को हुई थी लॉन्चिंग

इसरो ने इस बारे में ट्वीट कर बताया, “दूसरे और अंतिम डीबूस्टिंग अभियान में लैंडर मॉड्यूल सफलतापूर्वक कक्षा में और नीचे आ गया है. मॉड्यूल अब आंतरिक जांच प्रक्रिया से गुजरेगा.” चंद्रयान-3 ने 14 जुलाई को लॉन्चिंग के बाद पांच अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था. इससे पहले इसरो ने चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल पर लगे कैमरों से ली गईं चंद्रमा की कई तस्वीरें भी शेयर की थीं.

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