नए बिल से जम्मू-कश्मीर में क्या-क्या बदलेगा? गृहमंत्री ने बताया

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पर अपनी बात रखी. बुधवार को उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर में महाराजा हरि सिंह ने विलय का निर्णय लिया था. इसके बाद यहां कई बदलाव हुए. किसी ने विस्थापितों की खैर-खबर नहीं ली, जिन लोगों को जम्मू-कश्मीर की फिक्र करने की जरूरत थी वो इंग्लैंड में छुट्टियां मना रहे थे. अगर समय रहते कड़े फैसले लिए गए होते हैं तो हालात न बिगड़ते. नया बिल उन विस्थापितों को अधिकार देगा.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर रिजर्वेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2023 और दूसरा- जम्मू-कश्मीर रिऑर्गेनाइजेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2023 को लोकसभा में पेश किया था. बुधवार को उन्होंने सदन में इससे जुड़े सवालों के जवाब दिए. आसान भाषा में समझते हैं कि अगर ये बिल कानून का रूप लेता है तो जम्मू-कश्मीर में कितना कुछ बदल जाएगा.

1- 114 हो जाएंगी विधानसभा सीट

2019 में मोदी सरकार एक बिल लाई थी, जिसका नाम था- जम्मू-कश्मीर रिऑर्गेनाइजेशन 2019. इसके लागू होने के बाद 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 को खत्म कर दिया गया था. इस तरह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों ही अलग-अलग केंद्र शासित देश बन गए थे. अब इसमें और संशोधन किया जा रहा है. जिसके तहत जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ जाएंगी.जम्मू-कश्मीर रिऑर्गेनाइजेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2023 कानून की शक्ल लेता है तो जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़कर 114 हो जाएंगी.

2- विस्थापितों के लिए आरक्षित होंगी सीटें

अमित शाह ने कहा कि विस्थापितों के लिए कश्मीर में दो सीटें आरक्षित होंगी. एक सीट POK से विस्थापित इंसान को दी जाएगी. कश्मीर में प्रवासियों को दी जाने वाली दो सीटों में से एक महिला को अनिवार्य तौर पर शामिल किया जाएगा. इस तरह एक सीट को महिला के लिए आरक्षित किया गया है.

3- कौन करेगा नामित?

आरक्षित सीट पर कश्मीर प्रवासी और विस्थापित नागरिकों को नामित करने का काम उपराज्यपाल करेंगे. खास बात है कि ये सीटें जम्मू-कश्मीर की 90 सीटों से अलग होंगी. इस तरह कुल सीटों सीटों की संख्या बढ़कर 93 हो जाएंगी. SC और ST वर्ग के लिए 16 सीटें रिजर्व की गई हैं. इसमें ST के लिए 9 और SC के लिए 7 सीटें रिजर्व हैं.

4- कहां-कहां बढ़ाई जाएंगी सीटें?

एक रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू के कठुआ, राजौरी, किश्तवाड़, सांबा, डोडा और उधमपुर में 1-1 सीट को बढ़ाया गया है. कश्मीर की बात करें तो कुपवाड़ा जिले में एक सीट बढ़ी है. यहां पहले से 5 सीटे थीं, जो अब बढ़कर 6 हो जाएंगी.

5- जम्मू-कश्मीर रिजर्वेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2023 में क्या है नया

यह संशोधन बिल जम्मू-कश्मीर में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देगा. इसके साथ ही ऐसे पिछड़े स्टूडेंट्स को कॉलेज-यूनिवर्सिटी में आरक्षण मिलेगा. सरकार ने पहले ही उन्हें पिछड़ा घोषित कर रखा है जो LOC के पास और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बसे गांव में रहते हैं. वो इस संशोधन बिल का फायदा उठा सकेंगे.इस बिल के जरिए उनका पिछड़ापन दूर करने की कोशिश की जाएगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *