गांधी परिवार ने UP से बांध लिया बस्ता, पता है इतना आएगा!

नई दिल्ली : कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए राजस्थान से नामांकन पत्र दाखिल किया है। इस पर केंद्र की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने तीखा तंज कसा है। पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा है कि कभी गांधी परिवार का गढ़ रहे उत्तर प्रदेश से अब इस परिवार ने बस्ता बांध लिया है। भाटिया ने कहा कि कांग्रेस को इस बात का अनुमान हो चला है कि आगामी लोकसभा चुनावों में राज्य की 80 सीटों में से कांग्रेस को जीरो आएगा।

पिछले लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 सीटों में से सिर्फ एक सीट पर कांग्रेस की जीत हुई थी। तब सिर्फ सोनिया गांधी ही रायबरेली से जीत सकी थीं, जबकि राहुल गांधी को पुश्तैनी अमेठी सीट से हार का सामना करना पड़ा था। उन्हें इस हार का अंदेशा पहले से ही था, इसलिए राहुल गांधी ने केरल के वायनाड से भी चुनाव लड़ा था, जहां से जीतकर वह संसद पहुंच सके थे। राहुल को बीजेपी की स्मृति ईरानी ने हराया था।

बीजेपी के आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने भी सोनिया गांधी के राज्यसभा चुनाव में नामांकन करने पर कहा है कि कांग्रेस ने अमेठी के बाद अब रायबरेली में भी चुनावी हार मान ली है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “अमेठी में कांग्रेस की करारी हार के बाद अगला नंबर रायबरेली का है। सोनिया गांधी का राज्यसभा में जाने का फैसला रायबरेली की हार स्वीकारना है। गांधी परिवार ने अब अपने सभी कथित गढ़ छोड़ दिए हैं। समाजवादी पार्टी द्वारा 11 सीटों की पेशकश किए जाने के बावजूद कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में एक भी सीट नहीं मिलेगी।”

बरेली सीट पर गांधी परिवार का दबदबा 1980 के दशक से ही रहा है। 1980 में यहां से राहुल का चाचा संजय गांधी ने चुनाव जीता था। उनकी मौत के बाद राहुल के पिता राजीव गांधी ने  उप चुनाव में यहां से जीत दर्ज की थी। 1991 में उनके निधन के बाद गांधी परिवार के करीबी सतीश शर्मा ने यहां से चुनाव जीता था। बाद में 1999 में सोनिया गांधी जीतीं। 2004, 2009 और 2014 का लोकसभा चुनाव राहुल ने यहीं से जीता था। 1999 में कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने के बाद सोनिया गांधी पहली बार अमेठी से सांसद चुनी गईं थीं।

ऐसी चर्चा है कि रायबरेली से इस बार प्रियंका गांधी चुनाव लड़ेंगी। सोनिया गांधी स्वास्थ्य कारणों से चुनाव नहीं लड़ना चाह रही थीं। इसलिए उन्हें राज्यसभा से संसद में भेजा जा रहा है। बुधवार को विधानसभा भवन में सोनिया गांधी नामांकन दाखिल करने के समय उनके बेटे राहुल गांधी बेटी प्रियंका गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कई नेता मौजूद थे।

कांग्रेस राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों में से एक पर आसानी से जीत हासिल कर सकती है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अप्रैल में छह साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह सीट खाली हो जाएगी। लोकसभा सांसद के रूप में पांच कार्यकाल पूरे करने के बाद उच्च सदन में यह 77 वर्षीय सोनिया गांधी का पहला कार्यकाल होगा।

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