अब मंत्रियों का इनकम टैक्स नहीं भरेगी मप्र सरकार!

भोपाल। मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वर्ष 2024-25 के बजट का प्रस्तुतीकरण हुआ। इसमें किए गए प्रावधनों पर सहमति जताई गई। कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया कि अब मंत्रियों का इनकम टैक्स सरकार नहीं, बल्कि खुद मंत्री भरेंगे। अभी तक सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रियों के वेतन भत्ते पर लगने वाला आयकर भरता था। बैठक के निर्णयों की जानकारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दी।

मध्यप्रदेश कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले

  • मध्‍य प्रदेश के सभी विकासखंडों में स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का संचालन कृषि स्नातक और कृषि क्षेत्र में काम करने वाली सहकारी समितियां करेंगी।
  • हर विकासखंड में 45-45 नमूनों की जांच के लिए राशि सरकार की ओर से दी जाएगी। इसके बाद संचालनकर्ता स्वयं मृदा परीक्षण करेंगे और राशि प्राप्त करेंगे।
  • मध्य प्रदेश के ऐसे विद्यार्थी, जो अन्य राज्यों के सैनिक स्कूल में पढ़ते हैं, उन्हें भी छात्रवृत्ति दी जाएगी।
  • रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए मप्र में अब परिवहन के स्थान पर लोक निर्माण विभाग नोडल विभाग होगा और समन्वय का काम दिखेगा।
  • सैनिक के बलिदान होने पर उसकी पत्नी को दी जाने वाली सम्मान निधि का आधा हिस्सा माता-पिता को भी दिया जाएगा। अभी तक यह पूरी राशि पत्नी को दी जाती थी।
  • कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के अंतर्गत पौधारोपण के लिए निर्धारित 10 हेक्टेयर क्षेत्र की सीमा नहीं रखी जाएगी। इसका मतलब है कि कोई संस्था 2 हेक्टेयर में भी पौधारोपण करना चाहती है तो उसे भी अनुमति मिलेगी।

मप्र में मंत्रियों की कुल संपत्ति 18.54 करोड़ रुपए

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में मंत्रियों की संपत्ति 18.54 करोड़ रुपए है। इसके बावजूद सभी मंत्रियों को इनकम टैक्स राज्य सरकार की ओर से भरा जाता था। फिलहाल देशभर में मप्र सहित ऐसे 6 राज्य हैं, जिनमें राज्य सरकार की ओर से मंत्रियों का इनकम टैक्स भरा जाता है। इन राज्यों में मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्य शामिल हैं।

1 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र

एक जुलाई से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में मध्‍य प्रदेश की डॉ. मोहन सरकार का पहला पूर्ण बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पहले आज मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। बैठक में बजट प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। मप्र का वर्ष 2024-25 का बजट साढ़े 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व से संचालित सभी योजनाओं के लिए प्रावधान किए जाएंगे।

पूर्ण बजट पेश करेगी सरकार

प्रदेश सरकार ने जुलाई 2024 तक योजनाओं को संचालित करने के साथ अन्य व्यय के लिए लोकसभा चुनाव को देखते हुए एक लाख 45 हजार करोड़ रुपये का लेखानुदान प्रस्तुत किया था। अब पूर्ण बजट प्रस्तुत किया जाएगा।

इसकी तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुख्य सचिव वीरा राणा, वित्त विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ बैठक की। सूत्रों के अनुसार सरकार बजट में जनता पर बोझ बढ़ाने वाला कोई कदम नहीं उठाएगी। केंद्रीय योजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर विभागों को राशि आवंटित की जाएगी।

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