4 करोड़ का मैसेज देख उड़ा होश, कहा- हर महीने आता था 1500 का बिजली बिल

नोएडा : नोएडा निवासी ने जब अपने मोबाइल पर एक मैसेज देखा तो उसके होश उड़ गए। दरअसल, बिजली विभाग ने उसे 4 करोड़ रुपये का बिल भेजा था। यह बिल पिछले तीन महीने का था। उसने बताया कि इससे पहले हर महीने उसे 1500 रुपये का बिजली बिल आता था।

उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने नोएडा निवासी बसंत शर्मा के मोबाइल पर बिजली बिल भेजा। बिल देखने के बाद उनका होश उड़ गया। उन्होंने कहा कि गुरुवार सुबह उन्हें उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) का एक एसएमएस आया। इसमें कहा गया था कि उनके घर का पिछले तीन महीनों का बिजली बिल 4 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि इससे पहले हर माह उन्हें करीब 1500 रुपये का बिल आता था।

सेक्टर 122 में श्रमिक कुंज में रहने वाले बसंत शर्मा भारतीय रेलवे में कर्मचारी हैं। उन्होंने कहा कि बिल उनकी पत्नी प्रियंका शर्मा के नाम पर जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि बिल की रकम देखकर उनके होश उड़ गए। शर्मा ने कहा कि उनका घर किराए पर है। बिल देखने के बाद उन्होंने अपने किरायेदार को फोन किया। उन्होंने उसे बिजली बिल के बारे में बताया। साथ ही पूछा कि ऐसा क्या किया जो इतना बिल आ गया। इस पर किरायेदार ने बताया कि वह केवल जरूरी चीजों का ही उपयोग कर रहे हैं।

एसएमएस में बताया गया कि उनका बिजली बिल 4,02,31,842 करोड़ रुपये है। यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि बिल का भुगतान 24 जुलाई या उससे पहले किया जाता है तो वह 2,84,969.88 रुपये की छूट का लाभ उठा सकते हैं।

इस संबंध में पता करने पर यूपीपीसीएल के कार्यकारी अभियंता शिवा त्रिपाठी ने कहा कि ऐसा कोई बिल नहीं भेजा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंप्यूटर सिस्टम में कुछ तकनीकी कमी के कारण यह केवल सिस्टम जनरेटेड संदेश था। हमारे सिस्टम में बिल होल्ड पर था। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में बसंत शर्मा की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। त्रिपाठी ने कहा, “हमें रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रमुख द्वारा बिल के बारे में सूचित किया गया था। इसके बाद बिल में सुधार किया गया और 26000 रुपये का नया बिल भेजा गया।

आरडब्ल्यूए प्रधान उमेश शर्मा ने बताया कि उनके पास बसंत शर्मा का फोन आया था। उन्होंने बताया कि उनका बिजली बिल 4 करोड़ रुपये से अधिक का आया है। उनका घर किराए पर लगा है। बिजली बिल की रकम सुनकर वह भी चिंतित हो गए। उन्होंने कहा, “फिर हमने बिजली विभाग से संपर्क किया और उनसे इसका पता लगाने को कहा।” उन्होंने बिजली विभाग से ऐसी त्रुटियों को ठीक करने का भी अनुरोध किया ताकि भविष्य में किसी को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े।

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