यूपी उपचुनाव में कांग्रेस ने क्यों ठुकराया दो सीटों का ऑफर!

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का शंखनाद हो चुका है. लेकिन कांग्रेस के चुनाव लड़ने की संभावना कम दिखाई दे रही है. सपा ने कांग्रेस को 2 सीटों पर प्रत्याशी उतारने का ऑफर दिया है लेकिन पार्टी इसके लिए तैयार नहीं दिख रही है. वजह उपचुनाव में 5 की जगह केवल 2 सीटें मिलना, जहां जीत की संभावना कम हो. इस सौदे में पार्टी के लिए फायदा कम घाटा ज्यादा नजर आ रहा है. इसलिए पार्टी उपचुनाव लड़ने के मूड में नहीं दिख रही.

घाटे का सौदा?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस यह भी मान रही है कि यूपी में सपा की पिछलग्गू पार्टी बने रहना भी सियासत में घाटे का सौदा है. लोकसभा चुनाव के बाद लगातार दूसरी बार अखिलेश के गठबंधन पर एकतरफा ऐलान से कांग्रेस की फजीहत हुई है. प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व लगातार आलाकमान को यह समझाने की कोशिश कर रहा है कि सिर्फ कांग्रेस को ही गठबंधन में सहयोगी की जरूरत नहीं है, सपा को जीतना है तो उसे दूसरे दलों को सम्मान के साथ लेकर चलना होगा. पार्टी अपने ऊपर दूसरे विकल्प भी खुले रखना चाहती है. भले ही बसपा अभी गठबंधन को तैयार है, लेकिन कांग्रेस भविष्य के नफा-नुकसान को देखते हुए संभावनाओं के दरवाजे बंद नहीं करना चाहती है.

जीत की संभावना कम

कांग्रेस 5 सीटों पर दावेदारी कर रही थी, जिसमें फूलपुर जैसी सीट पर पार्टी की सबसे ज्यादा निगाहें थीं लेकिन सपा ने कांग्रेस को जो सीटें ऑफर की हैं, उनमें गाजियाबाद और अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट है. गाजियाबाद बीजेपी का गढ़ मानी जाती है, 2022 में कांग्रेस प्रत्याशी चौथे नंबर पर रहे, उनको 11 हजार 818 वोट मिले थे. 2002 में यहां कांग्रेस आखिरी बार जीती थी. बीजेपी उम्मीदवार अतुल गर्ग ने  1 लाख से ज्यादा वोटों से सपा उम्मीदवार को हराया था. वहीं, खैर में पार्टी ने 1980 में आखिरी बार जीत का स्वाद चखा था.

इन सीटों पर सपा ने उतारे प्रत्याशी

सपा ने करहल से तेज प्रताप यादव, सीसामऊ सीट से पूर्व विधायक इरफान की पत्नी नसीम सोलंकी, कटेहरी सीट से लालजी वर्मा की पत्नी शोभावती वर्मा, मझवां से ज्योति बिंद, फूलपुर मुर्तजा सिद्दीकी को उम्मीदवार बनाया है. मीरांपुर से सुमैया सुंबुल राणा को टिकट दिया है.इसके अलावा मिल्कीपुर से सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजित प्रसाद को टिकट दिया है.

उपचुनाव वाली कौन सी सीटें?

कटेहरी (अंबेडकर नगर), करहल (मैनपुरी), मिल्कीपुर (अयोध्या), मीरापुर (मुजफ्फरनगर), गाजियाबाद, मझवां (मिर्जापुर), सीसामऊ (कानपुर नगर), खैर (अलीगढ़), फूलपुर (प्रयागराज) और कुंदरकी (मुरादाबाद) पर उपचुनाव होना है. मिल्कीपुर में चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है.

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