कार्तिक पूर्णिमा के दिन ऐसे करें भोलेनाथ का अभिषेक, मिलेगा मनोवांछित फल

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में कार्तिक मास की पूर्णिमा का सबसे अधिक महत्व बताया गया है. इस पूर्णिमा पर भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने और कुछ खास उपाय विधि विधान से करने पर विशेष लाभ होता है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कुछ विशेष उपाय करने पर मोक्ष की प्राप्ति होने की धार्मिक मान्यता है. साथ ही इस दिन तुलसी की पूजा करने पर भी जीवन में आने वाली सभी परेशानियां खत्म हो जाती हैं. वहीं पीपल के पेड़ में दूध और जल अर्पित करने का विधान बताया गया है.

ऐसे करें भोलेनाथ का अभिषेक

हरिद्वार के ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा भगवान भोलेनाथ को समर्पित होती है. इस दिन भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए व्रत करने और पूजा अर्चना करने का विधान बताया गया है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन भोलेनाथ का अभिषेक दूध, गंगाजल, शहद, घी, दही, बेल पत्र आदि से करने पर जीवन की सभी समस्याएं और कष्ट खत्म हो जाती हैं. कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा में स्नान करने और उगते सूर्य को अर्घ्य देने से लाभ होता है. तुलसी में जल अर्पित करने और पीपल के पेड़ की जड़ में जल में दूध मिलाकर अर्पित करके घी का दीपक जलाने पर जीवन में आ रही सभी बाधाएं, परेशानी खत्म हो जाती हैं.

भोलेनाथ ने किया था राक्षस का वध

पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन भोलेनाथ ने मानव कल्याण के लिए त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था. इस दिन भोलेनाथ की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं. इस दिन यदि घर के मंदिर में देसी घी का दीपक जलाकर सभी देवी देवताओं का गंगाजल से अभिषेक किया जाए, तो भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं. कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन भगवान शिव की पूजा करने के साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने पर धन, संपत्ति आदि का लाभ होता है.

वहीं शाम के समय कच्चा दूध, गंगाजल, चावल और उसमें चीनी डालकर चंद्रमा को अर्घ्य  दिया जाए, तो जीवन में सुख समृद्धि, खुशहाली आने के साथ धन की प्राप्ति होती है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन अन्न, वस्त्र आदि जरूरतमंद को दान करने का भी महत्व बताया गया है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान, दीपदान, हवन करने से जन्म जन्मांतर के सभी पाप खत्म हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

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