सुनीता विलियम्स की वापसी, अब NASA ही नहीं पूरी दुनिया पर SpaceX का बजेगा डंका

नई दिल्ली। 9 महीने स्पेस में फंसे होने के बाद सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर वापस लौट आए हैं. SpaceX के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में बैठकर कुल 4 अंतरिक्ष यात्री मंगलवार की तड़के सुबह 3.27 बजे धरती पर आए. यह मौका खुशी का पल होने के साथ-साथ अपने आप में एक मैसेज भी है. मैसेज यह कि अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA अब पूरी तरह से दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की कंपनी SpaceX पर निर्भर हो गई है. ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के कैप्सूल की सफल लैंडिग के बाद नासा ने एलन मस्क को शुक्रिया कहा है.

कुल मिलाकर एलन मस्क को मौका मिला और उन्होंने मौके पर एक बार फिर चौका मारा है. आखिर हम ऐसा क्यों कह रहे हैं? चलिए बताते हैं.

नासा के पास SpaceX का कोई विकल्प नहीं

नासा के पास अभी अंतरिक्ष में इंसानों को भेजने के लिए कोई खुद का अंतरिक्ष यान नहीं है. वो अपने मानव मिशन के लिए पूरी तरह से SpaceX और बोइंग, इन दो प्राइवेट कंपनियों पर निर्भर है. लेकिन जिस तरह से बोइंग ने नासा को झटका दिया है, उसके पास अब SpaceX के भरोसे बैठने के अलावा कोई विकल्प ही नहीं है.

दरअसल सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर, दोनों ही नासा के अंतरिक्ष यात्री हैं और पिछले साल 5 जून को बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए निकले थे. यह बोइंग के स्पेसक्राफ्ट- स्टारलाइनर की पहली चालक दल परीक्षण उड़ान (क्रू टेस्ट फ्लाइट) थी. यानी टेस्ट किया जा रहा था कि यह अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस स्टेशन तक ले जा सकता है और वापस ला सकता है या नहीं. वैसे तो मिशन केवल 10 दिन का था लेकिन स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में तकनीकी खराबी आने की वजह से दोनों धरती पर वापस नहीं आ सके. स्टारलाइनर अकेले धरती पर लौटा और दोनों 9 महीने के लिए स्पेस स्टेशन पर ही फंस गए.

यह आपदा एलन मस्क की कंपनी SpaceX के लिए अवसर बन गया. नासा ने SpaceX की तरफ देखा और फिर क्या था. इन दोनों के साथ दो और अंतरिक्ष यात्रियों को धरती पर वापस लाने और उनकी जगह स्पेस स्टेशन पर रिप्लेसमेंट के तौर पर चार अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने के लिए नासा ने SpaceX के साथ मिलकर क्रू 10 मिशन भेजा. इसके यान, ड्रैगन ने 4 अंतरिक्ष यात्रियों को पहले स्पेस स्टेशन तक पहुंचाया और अब सुनीता विलियम्स समेत 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर धरती पर वापस आ गया.

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि अमेरिका के नए राष्ट्रपति एलन मस्क के कितने करीबी बन चुके हैं. एलन मस्क बिना किसी ऑफिशियल पद के ट्रंप की सरकार में एक डिपार्टमेंट, DOGE संभाल रहे हैं. उपर से जिस तरह  SpaceX ने नासा की मदद की है, कई कर्मचारियों को लग रहा कि एलन मस्क सरकारी स्पेस एजेंसी पर ही हावी हो जाएंगे. DOGE डिपार्टमेंट को एलन मस्क लीड कर रहे हैं और यह सरकार की फिजूलखर्ची को रोकने के लिए बनाया गया है. इसने नासा के अंदर भी छंटनी शुरू की है.

नासा के टेक्नोलॉजी, पॉलिसी एंड स्ट्रैटजी के ऑफिस के साथ-साथ चीफ साइंटिस्ट के ऑफिस को भी बंद किया जा रहा है. नौकरी से निकाले जा रहे स्टाफ ने द गार्डिन से कहा है कि छंटनी से यह आशंका बढ़ गई है कि नासा पर मस्क की शक्ति बढ़ रही है.

लगभग 20 कर्मचारी की नौकरी जाएगी, उनका अंतिम दिन 10 अप्रैल को निर्धारित है. आमतौर पर निकाले गए फेडरल कर्मचारियों को 60 दिनों का नोटिस दिया जाता है, लेकिन नासा का कहना है कि ट्रंप के कार्यकारी आदेश का पालन करने की “तत्काल आवश्यकता” के कारण इसे घटाकर 30 दिन कर दिया गया है.

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